पबजी की लत ने तोड़ा 14 साल के बच्चे का जीवन: एक डरावनी सच्चाई
क्या आप जानते हैं कि पबजी जैसी मोबाइल गेम्स बच्चों के जीवन पर कितना विनाशकारी प्रभाव डाल सकती हैं? आज हम झांसी के एक 14 साल के बच्चे की दर्दनाक कहानी सुनाने जा रहे हैं जिसने पबजी खेलने से रोकने पर आत्महत्या कर ली। यह घटना सिर्फ़ एक संख्या नहीं, बल्कि एक चेतावनी है जो हमें सोचने पर मजबूर करती है। क्या आपका बच्चा भी इस खतरे में है?
एक मां की चिंता और एक बच्चे की मौत
यह घटना झांसी के एरच थाना क्षेत्र के मलीहा टोला गांव में हुई। 14 साल का एक लड़का पबजी गेम का आदी था, और उसकी मां उसे बार-बार मना करती थी। लेकिन, बच्चे की लत इतनी गहरी थी कि वह गेम खेलने से खुद को रोक नहीं पाता था। जिस दिन यह घटना हुई, मां ने फिर उसे डांटा। इस बात से नाराज होकर बच्चे ने एक ऐसा कदम उठा लिया जिसने पूरे परिवार को तबाह कर दिया। उसने बबूल के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
पबजी: बच्चों का सबसे बड़ा दुश्मन?
यह घटना पबजी गेम की लत और उसके खतरनाक परिणामों की ओर इशारा करती है। कई माता-पिता अपनी बच्चों के मोबाइल फोन उपयोग पर नज़र नहीं रख पाते। बच्चों में मोबाइल गेम्स की लत, सामाजिक अलगाव, पढ़ाई में रुचि कम होना जैसी समस्याएं बहुत ही आम हैं। पबजी, फ़्री फ़ायर, कॉल ऑफ़ ड्यूटी और अन्य ऑनलाइन गेम्स के लत में फंसने पर अनेकों मामले देखने को मिलते हैं जिनमें बच्चे कई घंटे गेम में डूबे रहते हैं, और फिर मनोवैज्ञानिक और शारीरिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां झेलने को मजबूर हो जाते हैं।
क्या करें यदि आपका बच्चा मोबाइल गेम्स का आदी है?
यह एक बहुत ही संवेदनशील विषय है, और यहाँ कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं जो बच्चों को मोबाइल गेम्स की लत से बचाने में मदद कर सकते हैं। ध्यान रहे की यहाँ दी गयी बातें चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं है। सर्वप्रथम, यह जानना ज़रूरी है कि बच्चा गेम खेलने में कितना समय बिता रहा है। उसके व्यवहार और उसकी पढ़ाई में होने वाले प्रभावों को भी ध्यान से देखना चाहिए। यदि बच्चे को मोबाइल गेम की गंभीर लत लगी है तो इस स्थिति को नज़रअंदाज़ ना करें। बिना समय गवाए एक विशेषज्ञ की सलाह ज़रूर लें। बातचीत और बच्चे से खुलकर बात करना और उसकी सुनना बहुत ज़रूरी है, ताकि आप समझ पाएं कि वो क्या महसूस कर रहा है और आप उनकी मदद कर सकें। आप उसे उसकी पसंद की एक्टिविटी में शामिल करके, या पारिवारिक समय बिता कर उसकी लत से हटाने में उसकी मदद कर सकते हैं।
पबजी पर लगाम लगाने के उपाय
सरकार और अभिभावकों को मिलकर इस समस्या से निपटना होगा। सरकार को ऐसे गेम्स के विज्ञापनों पर लगाम लगाने की ज़रूरत है और ऑनलाइन गेम्स के नियमों में सख्ती लानी चाहिए। अभिभावकों को अपने बच्चों की मोबाइल इस्तेमाल की आदतों पर नज़र रखनी चाहिए। समय बिताने के स्वस्थ विकल्पों को बढ़ावा देना, बच्चे के लिए ज़रूरी है। आजकल अनेक ऑनलाइन और ऑफलाइन क्रियाएँ हैं जो बच्चों का मनोरंजन कर सकती हैं और साथ ही साथ उन्हें संतुलित जीवन जीने में मदद भी कर सकती हैं। शारीरिक गतिविधियों में बच्चे को शामिल करके, उसमें प्रतिस्पर्धा की भावना लाकर पबजी जैसी गेम्स से उसकी रुचि हटा सकते हैं।
गेमिंग को एक सीमा में रखें
एक स्वस्थ जीवन जीने के लिए किसी भी चीज़ को अति करने से बचना चाहिए। मोबाइल गेम्स का मज़ा लेना बुरा नहीं है, लेकिन इसकी लत बनना हानिकारक हो सकता है। संतुलन ज़रूरी है। गेम खेलने के लिए समय सीमा निर्धारित करें, पढ़ाई और अन्य क्रियाओं को समय देना भी ज़रूरी है। बच्चों को यह समझाना ज़रूरी है कि हर चीज़ सीमित मात्रा में ही फायदेमंद होती है।
निष्कर्ष: समय रहते बचें, अपनी ज़िम्मेदारी निभायें
14 साल के बच्चे की मौत पबजी की लत का एक दर्दनाक परिणाम है, और यह हर माता-पिता को चिंतित करना चाहिए। अपने बच्चों की गतिविधियों पर ध्यान दें, उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश करें, और अगर कोई समस्या है तो समय रहते मदद लें। पबजी एक गेम है, जिंदगी नहीं।
Take Away Points
- पबजी जैसी गेम्स के नशे के खतरों से अवगत रहें
- बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नज़र रखें
- संतुलित जीवनशैली के लिए प्रोत्साहित करें
- समय रहते पेशेवर मदद लें

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