नई दिल्ली। कोरोना वायरस (Corona Virus) संकट से जूझ रहे भारत में बीते 24 घंटों ने कोविड-19 (COVID-19) संक्रमण को लेकर एक भयावह तस्वीर पेश की है। इस तस्वीर ने कोरोना यौद्धाओं समेत हुक्मरानों के माथे पर चिंता की लकीरें और गहरी कर दी हैं। बीते 24 घंटों में संक्रमण के कुल 1553 नए मामले सामने आए हैं। संक्रमण के यह मामले कोरोना को एक नया नाम ‘साइलेंट किलर’ (Silent Killer) देने के लिए बिल्कुल माकूल हैं।
1553 मामलों में एक बड़ी संख्या ऐसे लोगों की थी, जिनमें कोरोना वायरस के एक भी लक्षण नुमायां नहीं हुए थे। ऐसे लोगों का जब टेस्ट किया गया तो कोरोना संक्रमित होने की बात सामने आई। इसके साथ ही यह भी पता चला कि कोविड-19 से बुरी तरह से ग्रस्त 10 राज्यों में सामने आए संक्रमण के दो-तिहाई मामले ऐसे हैं, जिनमें कोरोना संक्रमण के शुरुआती लक्षण (Initial Signs) कतई नहीं पाए गए।
दो-तिहाई मरीजों में कोई लक्षण नहीं
गौरतलब है कि कोरोना वायरस से भारत में अब तक 543 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि संक्रमितों की संख्या 17,265 हज़ार हो गई हैं. ये आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। सरकार की तरफ से कोरोना टेस्ट की संख्या हर दिन बढ़ाई जा रही है, लेकिन इन सबके बीच देश के मेडिकल स्टाफ हैरान हैं। वजह है कोरोना का साइलेंट किलर और स्प्रेडर बनना। दरअसल करीब अब तक मिले दो-तिहाई मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं दिख रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका टेस्ट पॉजिटिव आ रहा है।
डराने वाले आंकड़े !
इन आंकड़ों पर गौर कीजिए। महाराष्ट्र के 3648 केस में से 65 फीसदी ऐसे मरीज़ पॉजिटिव निकले, जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं दिख रहे थे. उत्तर प्रदेश में तो 974 केस में से 75 फीसदी मरीजों में यही बात दिखी, जबकि असम में तो 34 केस में से 82 फीसदी मरीज़ ऐसे पॉजिटिव निकले जिनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे। असम के स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिश्व सरमा ने खुद कहा कि कई मरीजों में पॉजिटिव टेस्ट आने के बाद भी लक्षण नहीं दिख रहे हैं। दिल्ली में भी 186 मरीजों में कोरोना के कोई लक्षण नहीं थे, बावजूद इसके वो पॉजिटिव निकले।
टेस्ट से चला पता
बता दें कि कई बार टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद मरीजों में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखते हैं। एक अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स को हरियाणा के कोविड-19 के लिए नोडल ऑफिसर डॉ. सूरज भान कंबोज ने बताया कि अगर मात्रा ज्यादा नहीं होती और वायरस घातक नहीं होता, तो लक्षण नहीं दिखते, लेकिन ये टेस्ट में दिख जाते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक मरीज में कोरोना के लक्षण दिखने या न दिखने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं, जैसे कि किसी के शरीर में वायरस की मात्रा, उसका इम्यूनिटी लेवल और मरीज की उम्र। ऐसे में कोरोना के मरीज़ को पकड़ना बेहद मुश्किल काम है। इसे रोकने का एक ही इलाज है ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग।
24 घंटे में 39 मौतें
महाराष्ट्र में रविवार को 12 लोगों की कोरोना से मौत हुई. इसके अलावा गुजरात में 10, मध्य प्रदेश में 5 और तेलंगाना में 3 लोगों की जान गई। दिल्ली, केरल और राजस्थान में दो-दो लोगों की मौत हुई. पूरे दिन में 39 लोगों ने जान गंवाई। इस तरह देश में कोरोना की वजह से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 560 हो गया है। इस बीच, गोवा से एक अच्छी खबर आई. वह देश का पहला राज्य बन गया जिसने खुद को कोविड-19 संक्रमण से मुक्त घोषित किया है। यहां रविवार को सातवें और आखिरी मरीज को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
महाराष्ट्र-दिल्ली में हालात बेहद खराब
महाराष्ट्र में कोरोना का सबसे ज्यादा कहर है. वहां रविवार को ना सिर्फ राज्य, बल्कि मुंबई से भी एक दिन में सबसे ज्यादा मामले सामने आए. देश की आर्थिक राजधानी में 456 नए मामले जुड़े और छह लोगों की मौत हुई । राज्य में कोविड-19 मामलों की संख्या 4,200 को पार कर गई है। यहां अबतक 223 लोगों की मौत हुई है। दिल्ली में भी कुल मरीजों की संख्या 2003 हो गई है. रविवार को यहां 110 मामले आए. गुजरात में अब 1,743 पॉजिटिव मामले हो चुके हैं। महाराष्ट्र, दिल्ली के बाद कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज गुजरात में ही हैं।
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