Ayodhya Ram Mandir: क्यों राम मंदिर में नहीं मिलेगा माता सीता को स्थान

Ayodhya Ram Mandir: 700 एकड़ जमीन में बनें राम मंदिर की चर्चाएं आज घर – घर में हो रही हैं। हिन्दू हो या मुसलमान राम मंदिर के सौंदर्य को देखकर मोहित है। 22 जनवरी का सभी को बेसब्री से इन्तजार है क्योंकि 500 साल की तपस्या के बाद प्रभु श्री राम मंदिर में विराजित होंगे। राम से जन – जन की आस्था जुडी हैं। वही अब खबर आ रही है कि भव्य राम मंदिर में माता सीता की प्रतिमा नहीं होगी। अब सवाल यह उठता है सीता के बिना राम अधूरे हैं, राम जहां भी विराजमान है सीता उनके साथ उपस्थित हैं तो फिर ऐसा क्यों कहा जा रहा है कि भव्य राम मंदिर में माता सीता की प्रतिमा नहीं होगी। –

क्यों राम मंदिर में नहीं होगी सीता की प्रतिमा:

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) कहते हैं राम मंदिर के गर्भ गृह में भगवान राम अकेले रहेंगे। उनके साथ माता सीता की प्रतिमा नहीं होगी। क्योंकि मंदिर में राम पांच वर्ष के बालक के रूप में विराजित होंगे। जब प्रभु श्री राम पांच वर्ष के थे तब उनके साथ माता सीता नहीं थीं। वह बालक थे। उनका विवाह सत्ताईस वर्ष की उम्र में हुआ था। यही कारण है कि राम मंदिर में सिर्फ राम लला की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) के मुताबिक राम लला पांच वर्ष के बालक के रूप में सभी को मोहित करेंगे। उनके आकर्षक रूप को देखकर हर किसी का ध्यान उनपर लगा रहेगा। सीता राम का साथ युवा अवस्था का है और मंदिर में राम लला बाल अवस्था में विराजित होंगे। जिसके चलते राम मंदिर के गर्भ गृह में माता सीता को स्थान नहीं मिलेगा।

जानें कब हुआ था राम सीता का विवाह:

राम जब सत्ताईस वर्ष के थे और सीता अठारह तो उनका विवाह हुआ था। प्रभु की वैवाहिक उम्र का वर्णन तुलसीदास जी द्वारा लिखे इस दोहे से मिल जाता है जो इस प्रकार है-

वर्ष अठारह की सिया, सत्ताईस के राम।
कीन्हो मन अभिलाष तब, करनो है सुर काम।।

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