सर्राफा व्यवसायी पर हुए प्राण घातक हमले का पुलिस ने खुलासा किया, दो गिरफ्तार

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By सत्यप्रकाश मद्धेशिया

महाराजगंज। जनपद के फरेन्दा में मिल गेट के सामने स्थित सर्राफा व्यवसायी पर हुए प्राण घातक हमले का खुलासा करते हुए महराजगंज पुलिस ने दो अभियुक्त गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल और असलहा बरामद किया है। हत्या कांड का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ल ने बताया कि पूजा ज्वेलर्स के मालिक संजय वर्मा पुत्र रघुनाथ वर्मा अपनी दुकान बन्द करके, दुकान पर काम करने वाले के साथ मोटर साइकिल से ज्योहि अपने घर जाने के लिए निकले कि एक मोटरसाइकिल पर सवार 03 अज्ञात बदमाशों द्वारा संजय वर्मा को ताबड़तोड़ गोली मारकर फरार हो गये, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गये।

इस सूचना पर तत्काल प्रभारी निरीक्षक फरेन्दा मय पुलिस बल मौके पर पहुँच कर घायल संजय वर्मा को इलाज़ हेतु बनकटी प्रा0स्वा0 केन्द्र भेजा गया, स्थिति गंभीर होने पर घायल संजय वर्मा को बेहतर इलाज़ के लिए मेडिकल कालेज गोरखपुर रेफर किया गया। इस मामले में घायल संजय वर्मा की पत्नी अंजू वर्मा वार्ड नं0 8 रहमान मार्केट कस्बा व थाना फरेन्दा के तहरीर पर मु0अ0सं0-350/2018, धारा 307 भा0द0वि0 बनाम अज्ञात पंजीकृत किया गया।

घटना स्थल पर तत्काल पुलिस अधीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक मय पुलिस बल के पहुँच कर घटना के अनावरण व अज्ञात बदमाशों की गिरफ्तारी हेतु अपर पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पुलिस की पाँच टीमें गठित कर आवश्यक निर्देश दिये गये। घटना के अनावरण में लगी पुलिस टीम को विवेचना के दौरान घटना स्थल से प्राप्त सीसीटीवी फुटेज़, घटना के समय मौजूद व्यक्तियों के बयान एवम् इलेक्ट्रानिक माध्यम से उक्त घटना में सम्मलित रणधीर यादव उर्फ जानू यादव पुत्र शिवमूरत डोहरिया थाना चिलुआताल जनपद गोरखपुर, अजीत सिंह पुत्र रामसूरत सिंह परसिया इन्दरपुर थाना श्यामदेउरवा जनपद महराजगंज, एवं एक अन्य सहयोगी प्रकाश में आये।

इस घटना में सम्मलित अभियुक्त रणधीर यादव उर्फ जानू यादव व अजीत सिंह को गिरफ्तारी में लगे प्रभारी निरीक्षक फरेन्दा व प्रभारी स्वाट टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर कैम्पियरगंज बार्डर पर स्थित मोदीगंज पुल निकट भारी वैसी से गिरफ्तार करते हुए उनके पास से घटना में प्रयुक्त एक अदद पिस्टल 9 एम एम व एक अदद जिन्दा कारतूस 9 एम एम व घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल बिना नम्बर की बरामद किया गया।

घटना के सम्बन्ध में पूछताछ करने पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि हम लोग घटना के करीब एक सप्ताह पहले से लूट के इरादे से उक्त व्यवसायी की रैकी कर रहे थे। घटना वाले दिन हम लोग लूट के इरादे से ही गये थे। रणधीर ने बताया कि मोटरसाइकिल मेरा एक अन्य साथी चला रहा था, मैं बीच में बैठा था तथा गोली मैने मारी थी व बैग लेने का प्रयास अजीत सिंह ने किया था, असफल होने पर पुनः गोली चलाते हुए हम तीनों फरार हो गये। इस घटना के खुलासा में लगी पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु पुलिस अधीक्षक महराजगंज द्वारा 5000/- रुपये नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।

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