सरकार 45 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में है डूबी, मंत्रियों के लिए खरीद रही लग्जरी गाड़ियां

[object Promise]

जयराम सरकार करोड़ों रुपये के कर्ज में डूबी है, बजट के लिए प्रदेश के लोगों से भले ही खर्च घटाने के सुझाव मांग रही है, लेकिन अपने मंत्रियों के लिए सरकार ने खजाने का मुंह खोल दिया है।  तीन मंत्रियों को फॉर्च्यूनर गाड़ियां देने के बाद मंगलवार को तीन और फॉर्च्यूनर गाड़ियों का सप्लाई आर्डर जारी करने का प्रपोजल तैयार कर दिया गया। ये लग्जरी गाड़ियां बंगलूरू की कंपनी से मंगवाई जा रही हैं।

एक गाड़ी की कीमत 32 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। माना जा रहा है कि तीनों गाड़ियां एक करोड़ रुपये में हिमाचल पहुंचेंगी। हिमाचल सरकार 45 हजार करोड़ रुपये के कर्ज में डूबी है।

सरकार चलाने को कभी लोन लिया जा रहा है, तो कभी केंद्र सरकार से बजट जारी करने के लिए फरियाद लगाई जा रही है, लेकिन मंत्री और अन्य नुमाइंदे अपने खर्चे कम नहीं कर रहे।

पहले जो तीन लग्जरी गाड़ियां आई हैं, वह मंत्री गोविंद ठाकुर, किशन कपूर और अनिल शर्मा को दी गई हैं। अब जो तीन लग्जरी गाड़ियां आएंगी, इन्हें अन्य तीन मंत्रियों को दिया जाना है, वर्तमान में इन मंत्रियों के पास जो गाड़ियां हैं, वह सचिवालय सामान्य प्रशासन पूल में रखेगा।

शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज को सचिवालय सामान्य प्रशासन की ओर से जो गाड़ी अलॉट की गई थी, उन्होंने उसे वापस कर दिया है। इन्होंने शिक्षा विभाग से गाड़ी ली है।

जुब्बल-कोटखाई के विधायक व मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा को सचिवालय सामान्य प्रशासन ने गाड़ी अलॉट कर दी है। सचिवालय में चर्चा है कि मुख्य सचेतक को गाड़ी विधानसभा से दी जानी थी, लेकिन यह भी बताया जा रहा है कि जनमंच के संयोजक के कारण उन्हें गाड़ी अलॉट की है।

सूत्र बताते है कि बंगलूरू कंपनी से आने वाली ये तीनों गाड़ियां मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंपी जाएंगी। अब यह सीएम कार्यालय तय करेगा कि किन-किन मंत्रियों को यह लग्जरी गाड़ियां दी जानी हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *