लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 69000 सहायक अध्यापक भर्ती केस में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के निर्णय पर अपनी मुहर लगाई है । सीएम योगी ने कहा कि ऐसे शिक्षामित्र जिन्हें मौका नहीं मिला है, उनको राज्य सरकार द्वारा एक और अवसर दिया जाएगा. उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग को सहायक अध्यापक के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र जारी करने का निर्देश दिया है।
आपको बता दें कि 69000 शिक्षक भर्ती मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए पूर्व में इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा इस मामले में दिए गए निर्णय को सही ठहराया। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा शिक्षक भर्ती के लिए जो कटऑफ निर्धारित किया गया है उसको सही बताया। योगी सरकार ने कटऑफ 60 से 65 अंकों के बीच रखा था।
शीर्ष अदालत ने अपने फैसले में कहा कि सभी शिक्षा मित्रों को एक मौका और मिलेगा. इस साल 24 जुलाई को सर्वोच्च न्यायालय ने इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. 19 सितंबर को शीर्ष अदालत ने योगी सरकार को 69000 में 31,661 पदों पर भर्ती करने का निर्देश दिया था। इन पदों पर अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्णय पर उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी ने कहा कि अब 69000 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है. बाकी बचे 37000 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के इस फैसले ने सरकार के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के फैसले पर भी मुहर लगा दी है. सहायक शिक्षक भर्ती में शामिल सभी अभ्यर्थियों को बधाई देता हूं।
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