रिपोर्ट:सैय्यद मकसूदुल हसन
अमेठी: क्षेत्र में नहर, तालाब, हैंडपंप व राजकीय नलकूप की हालत दयनीय है। जहां एक ओर नहरों में पानी नहीं है, हैंडपंप रीबोर की आस में खराब पड़े हैं वहीं तालाबों में पानी की बजाय धूल उड़ रही है। सरकारी नलकूप भी यात्रिक व तकनीकी कमी के चलते निष्प्रयोज्य पड़े हैं। अब ऐसे में लोगों की प्यास व खेतों की सिचाई आखिर कैसे हो। इस यक्ष प्रश्न का जवाब जिम्मेदार देने से कतरा रहे हैं। क्षेत्र की शारदा सहायक खंड 49, खंड 50, हरदोइया माइनर, मयास अल्पिका, औरंगाबाद रजबहा समेत सभी नहरें सूखी पड़ी हैं। क्षेत्र के रुदौली, मुबारकपुर, कस्थुनी, करपिया, रसूलाबाद, दादरा, कंजास आदि गांवों में अधिकाश नलकूप व राजकीय नलकूप ठप पड़े हैं। समग्र गांव लोहिया मठा-भुसुंडा, पिंडारा, बेसारा, शूलपुर-काशी, मानामदनपुर, कस्थुनी आदि गांवों में स्थित तालाबों में धूल उड़ रही है। जिसके चलते पशु-पक्षियों से लेकर लोगों को प्यास बुझाने तक में दिक्कतें हो रही हैं।
किसान राजकीय नलकूप ठप होने से अपनी दलहन व हरे चारे की खेती प्राइवेट इंजनों से मंहगे दामों पर कर रहें हैं। तालाबों में एक बूंद पानी न होने से अग्निशमन विभाग को भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। जबकि शासन का निर्देश है कि गांव के सभी तालाब पानी से भरे जाएं। एडीओ पंचायत रामजी मिश्र की मानें तो तालाबों में पानी भरने के लिए शासन का निर्देश लिखित नहीं आया है। हालांकि क्षेत्र के कु छ तालाबों में पानी भरने का निर्देश दिया जा चुका है।
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