नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में पीने के पानी को लेकर जारी केंद्रीय एजेंसी भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) की रिपोर्ट सामने आने के बाद केंद्र सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के बीच ठनी हुई है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में पीने का पानी गुणवत्ता जांच में असफल रहा है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रिपोर्ट को झूठी और राजनीति से प्रेरित करार दिया। केजरीवाल ने सोमवार को उपभोक्ता मामले के मंत्री रामविलास पासवान को जांच कराने का चैलेंज दिया था। पासवान ने केजरीवाल को पत्र लिखकर चैलेंज स्वीकार कर लिया। अब मंगलवार को पासवान ने उन 11 स्थानों के नाम-पते ट्विटर पर पोस्ट किए हैं जहां से सैंपल लिए गए।
साथ ही लिखा कि आम आदमी पार्टी और इनकी पार्टी के नेताओं द्वारा दिल्ली के पानी की गुणवत्ता पर बीआईएस की जांच रिपोर्ट के संबंध में विभिन्न माध्यमों से सवाल उठाए जा रहे हैं और कहा जा रहा है कि कहां से पानी के सैंपल लिए गए यह भी पता नहीं है। ये हैं उन 11 स्थानों के नाम-पते जहां से सैंपल लिए गए।
इससे पहले आज ही आप के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने पासवान को पानी की गुणवत्ता की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से करवाने की चुनौती दी है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार के एक अन्य विभाग-जल शक्ति मंत्रालय ने दिल्ली में पाइप के जरिए आपूर्ति किए जा रहे पेयजल की गुणवत्ता की तारीफ की थी।
संजय सिंह ने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय ने दिल्ली में पाइप के जरिए आपूर्ति किए जा रहे पेयजल की सराहना की थी। हम किसी भी स्वतंत्र एजेंसी से पाइप के पानी की जांच करवाने के लिए तैयार हैं। सच्चाई यह है कि उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय की रिपोर्ट जल शक्ति मंत्रालय की रिपोर्ट की विरोधाभासी है, जिससे साबित होता है कि उपभोक्ता मंत्रालय की रिपोर्ट संदिग्ध है।
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