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पडरौना,कुशीनगर : महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण गारण्टी योजना की मंशा को चोट दर चोट लगती ही जा रही है। जिम्मेदार अधिकारियों की मिली भगत से ठेकेदारों द्वारा मजदूरों की जगह जेसीबी मशीन लगाकर मनरेगा का मखौल उड़ाया जा रहा है। इसकी बानगी देखना हो तो विशुनपुरा विकास खंड क्षेत्र के खजुरिया गांव में चले आइये। यहां एक नवनिर्मित गोवंश आश्रय स्थल को जिसमें मिट्टी कार्य मजदूरों से कराना था उसे मशीन से कराया गया है। लाचार मजदूर चाहकर भी यहां काम नही पा सके।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मनरेगा के तहत उक्त विकास क्षेत्र के खजुरिया मे गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण शूरु है। जिसमें मिट्टी कार्य मनरेगा मजदूरों से कराया जाना था। संबंधित अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा कार्य को जेसीबी मशीन लगाकर कराया जा रहा। बुधवार शाम को मजदूरों के विरोध के बाद भी कार्य कराने पर जिम्मेदार तुुुले हुए हैं। गांव के चंचल राय प्रमोद , जैकी ,मनोज ,दिनेश,पंकज ,मारकन्डे ,सुन्नद,साबीर आदि ग्रामीणों का आरोप है कि इस कार्य मे मजदूर लगाकर कराना है। उसके बाद भी जिम्मेदार मजदूरों का रोजगार छिनकर जेसीबी से कार्य करा रहे हैं।साथ ही उन्होंने जिला प्रशासन से इसपे कार्रवाई की मांग की है। इस सम्बन्ध मे डीसी मनरेगा प्रेमप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि मनरेगा मे सिर्फ मजदूर ही कार्य कर सकते हैं। यदि मजदूर की जगह जेसीबी मशीन से कार्य हो रहा है तो ये गलत है। उसकी जांच कारकर फौरन कार्रवाई की जाएगी।
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