कानपुर : फायर स्टेशन में खड़े-खड़े ही कंडम हो जाएगा सात करोड़ का हाईड्रोलिक प्लेटफार्म

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कानपुर, बहु मंजिला इमारतों में लगने वाली आग को बुझाने में मददगार इटली से आयी सात करोड़ की लागत की हाईड्रोलिक प्लेटफार्म फायर स्टेशन में खड़े-खड़े ही कंडम घोषित हो जाएगी। हाईड्रोलिक प्लेटफार्म की फजलगंज में उपलब्धता होने के चलते अक्सर आग की बड़ी घटनाओं में इसकी मांग होती है, लेकिन कई माह पूर्व से तकनीकि खामी आने से यह प्रयोग में नहीं है। मरम्मत के लिए कई बार विभागीय उच्चाधिकारियों को पत्राचार किया गया,लेकिन अब तक इसकी मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

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इमारत में अगर आग लगती है तो विभागीय अफसरों को सात करोड़ की लागत से इटली से आयी हाईड्रोलिक प्लेटफार्म की याद आती है लेकिन खराब होने कारण यह उपयोग में नहीं है। दमकल कॢमयों के मुताबिक यह गाड़ी 16 जनवरी 2015 को फजलगंज फायर स्टेशन को मिली थी।

गर्मी और दीपावली के आस पास आग की घटनाएं अधिक होती हैं, लेकिन सर्दी में भी अक्सर आग तापने, शार्ट सर्किट से आग की घटनाएं कम नहीं हैं। बहु मंजिला इमारत में अगर आग लगती है तो विभागीय अफसरों को सात करोड़ की लागत से इटली से आयी हाईड्रोलिक प्लेटफार्म की याद आती है, लेकिन खराब होने कारण यह उपयोग में नहीं है। दमकल कर्मियों के मुताबिक यह गाड़ी 16 जनवरी 2015 को फजलगंज फायर स्टेशन को मिली थी। इटली से आयी इस गाड़ी में पानी भरने की सुविधा नहीं है। इसमें लगे सेटअप को हौज पाइप से जोड़कर बहुमंजिला इमारत की आग बुझाने में मददगार है। गाड़ी में खास बात यह है कि हाईड्रोलिक बेस होने इस पर लगी सीढ़यिां 135 फीट तक पहुंचकर आग बुझाने और ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों को निकालने के काम आती हैं। सूत्रों के मुताबिक हाईड्रोलिक प्लेटफार्म पर सीढ़यिां बूम से चलती हैं। जब से गाड़ी आयी है तब से उसकी सर्विस नहीं हुई है, जिससे अगर सीढ़यिां खुल गई तो बंद होने में दिक्कत आती है। कभी-कभी सीढ़यिां खुलती ही नहीं है।

खराब हो गए टर्न टेबुल लैंडर

जापान सरकार की ओर से 9 फरवरी 1992 में उपहार स्वरूप मिली जापानी तकनीक पर आधारित आटोमेटिक टर्न टेबुल लैडर भी खड़े-खड़े कंडम हो गई। इस गाड़ी में भी 135 फीट ऊंचाई तक की आग बुझाने और ऊपर फंसे लोगों को निकालने में मददगार थी। यहां मरम्मत न हो पाने से यह गाड़ी खड़े-खड़े ही कंडम हो गई। इसकी नीलामी के लिए मुख्यालय कई बार पत्र भेजा गया, लेकिन उपहार में गाड़ी मिली होने से इसकी कीमत निर्धारित नहीं हो सकी है। इसी पेच के चलते आज तक इसकी नीलामी नहीं हो सकी है।

इन घटनाओं में मिली थी गाड़ी से मदद

वर्ष 2017 में कर्नलगंज स्थित एक गेस्ट हाउस की चौथी मंजिल पर लगी आग बुझाई गई थी।

वर्ष 2018 में अफीमकोठी स्थित गद्दा शोरूम की तीसरी मंजिल पर आग लगी थी। ऊपर चढऩे का रास्ता बंद होने पर हाईड्रोलिक प्लेटफार्म की मदद से बुझाई जा सकी थी।

वर्ष 2018 में ही कल्याणपुर के केदारनाथ अपार्टमेंट की चौथी मंजिल पर लगी आग को दमकल जवानों ने हाईड्रोलिक प्लेटफार्म गाड़ी से बुझाने के साथ फंसे 18 लोगों को निकाला गया था।

ये है कहना इनका

विदेशी गाड़ी होने के कारण स्थानीय स्तर पर सर्विस और मेंटीनेंस कराया जाना संभव नहीं है। सॢवस के लिए मुख्यलाय पत्र भेजा गया है। दिल्ली की कंपनी के इंजीनियरों से सर्विस के लिए वार्ता की जा रही है। जल्द गाड़ी की मरम्मत कराई जाएगी।

कैलाश चंद्र, एफएसओ फजलगंज फायर स्टेशन

 

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