क्या पार्टी में प्रियंका की नहीं चलती, कौन ले रहा फैसले?

डेस्क। प्रशांत किशोर और कांग्रेस में अनबन और सियासत जोर पड़ है। एक लोग इसे राजनीतिक मुद्दा बता रहें हैं तो दूसरी ओर कोई इसे मुद्दे से बढकने वाली साजिश। इसी कड़ी में अटकलें लगाई गईं की पीके अपरोक्ष तौर पर कांग्रेस को हैंडल करना चाहते थे। 

मिली जानकारी के अनुसार उनकी एंट्री को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा बहुत ही खुश थीं। 

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक प्रियंका गांधी को लगता था कि लगातार खत्म होती जा रही पार्टी (कांग्रेस) में केवल पीके ही जान फूंक सकते हैं। 

इस रिपोर्ट में दावा किया गया कि पीके को भ्रम था कि गांधी परिवार एक है और सोनिया गांधी के साथ प्रियंका और राहुल गांधी एक राय होकर फैसला लेते हैं। इसमें दावा किया गया कि प्रियंका भले ही कांग्रेस की कद्दावर नेता मालूम होती हैं पर उनके पास फैसले लेने की ताकत नहीं है। 

चुनाव रणनीतिकार को सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पीके को बताया गया कि उनकी पक्की जगह कांग्रेस में तभी बन पाएगी जब सितंबर में नया अध्यक्ष काम संभालेगा। उसके बाद पीके के पास सिवाय बिहार की तरफ कूच करने के सिवाय कोई चारा नहीं बचा था।

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