कोलकाता। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि CAA को लेकर देश भर में भर्म फैलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस कानून को लेकर कुछ युवा भ्रम के शिकार हैं। पश्चिम बंगाल की धरती से एक बार फिर से वे लोगों को आश्वस्त करना चाहेंगे कि ये कानून नागरिकता देने के लिए बना है, छीनने के लिए नहीं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये कानून रातों-रात नहीं बना है, बल्कि इस कानून में संसद के जरिए मात्र एक संशोधन किया गया है। इस कानून में नागरिकता लेने के लिए सहूलियत बढ़ाई गई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में धर्म के आधार पर प्रताड़ित लोगों को भारत की नागरिकता मिले ऐसा महात्मा गांधी भी चाहते थे। उन्होंने कहा कि CAA पर गलतफहमियों को दूर किया जाना चाहिए। राजनीतिक दल इसको लेकर भ्रम फैला रहे हैं।
युवा होने का मतलब है, समस्या से टकराना: मोदी
प्रधानमंंत्री ने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी की वो बात हमें हमेशा याद रखनी होगी जब वो कहते थे कि ‘अगर मुझे सौ ऊर्जावान युवा मिल जाएं, तो मैं भारत को बदल दूंगा।’ यानी परिवर्तन के लिए हमारी ऊर्जा, कुछ करने का जोश ही आवश्यक है। अगर आप युवा हैं तो आप कभी समस्या से भागेंगे नहीं। युवा होने का मतलब है, समस्या से टकराना, चुनौती को चुनौती देना। जब लगता था कि व्यवस्था को बदलना को मुश्किल है तब युवाओं ने इसे बदल दिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आप सभी को स्वामी विवेकानंद जयंती के इस पवित्र अवसर पर, राष्ट्रीय युवा दिवस पर, बहुत-बहुत शुभकामनाएं। देशवासियों के लिए बेलूर मठ की इस पवित्र भूमि पर आना किसी तीर्थयात्रा से कम नहीं है, लेकिन मेरे लिए तो हमेशा से ही ये घर आने जैसा ही है। उन्होंने कहा कि बेलूर मठ ने ही मुझे सेवा का रास्ता दिखाया है।
पीएम मोदी ने कहा कि बेलूर मठ आना तीर्थयात्रा की तरह है। वे सौभाग्यशाली हैं कि उन्हें बेलूर मठ में रातभर रहने को मौका मिला है। पीएम मोदी ने इसके लिए बेलूर मठ प्रशासन और पश्चिम बंगाल सरकार का धन्यवाद दिया। पीएम ने कहा कि प्रोटोकॉल की मजबूरियों के बावजूद ये सब संभव हो सका है, इसके लिए वे सरकार के आभारी हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वामी विवेकानंद को याद करते हुए शनिवार को कहा था कि हम सभी को स्वामी विवेकानंद जी की वो बात हमेशा याद रखनी है, जो उन्होंने मिशिगन यूनिवर्सिटी में कुछ लोगों से संवाद के दौरान कही थी। स्वामी विवेकानंद ने उन्हें कहा था, अभी वर्तमान सदी भले ही आपकी है, लेकिन 21वीं सदी भारत की होगी।मोदी ने कहा कि बिप्लोबी भारत नाम से एक म्यूजियम बनाया जाना चाहिए, जिसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस, अरबिंदो घोष, रास बिहारी बोस, खुदीराम बोस, देशबंधु, बाघा जतीन, बिनॉय दिनेश इन सभी महान स्वतंत्रता सेनानियों को जगह दी जानी चाहिए।
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