जबलपुर। जबलपुर. लटकारी के पड़ाव वाली मन्नत वाली महाकाली के विसर्जन के दौरान आज मंगलवार 23 अक्टूबर की तड़के पुलिस द्वारा नर्मदा नदी में विसर्जन से रोके जाने पर जमकर बवाल हो गया. पुलिस और भक्तों के बीच जमकर मारपीट, बलवा उत्पन्न हो गया. उपद्रवियों ने पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी. वहीं पुलिस ने भी जमकर लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले फोड़े, जिससे स्थिति और बिगड़ गई. घटना की जानकारी लगते ही भारी पुलिस बल ग्वारीघाट क्षेत्र में तैनात कर दिया।
जबलपुर की महारीनी के नाम से प्रसिद्ध काली माता पड़ाव समिति की प्रतिमा के नर्मदा में विसर्जन को लेकर ग्वारीघाट इलाके में विवाद हुआ था। लोगों और पुलिस के बीच जमकर विवाद हुआ। विवाद के बाद लोगों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया और दो दर्जन से ज्यादा गाड़ियों को फूंक डाला। माहौल गरमाने के बाद पुलिस ने इलाके में धारा 144 लगा दी थी। फिलहाल पुलिस ने स्थानीय लोगों को साथ लेकर मां काली की प्रतिमा का विसर्जन करा दिया है और इलाके में शांति बनी हुई है।
इससे पहले हालात को संभालने के बाद खुद कलेक्टर छवि भारद्वाज हाथ और एसपी मौके पर पहुंचे थे। पुलिस ने पथराव करने वाले दो दर्जन से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं समिति से जुड़े लोगों के खिलाफ भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने की बात कही है।
दरअसल हाई कोर्ट ने प्रतिमा विसर्जन को लेकर आदेश जारी किया है कि नर्मदा नदी में मूर्तियों का विसर्जन नहीं होगा। इसके लिए अलग से एक कुंड बनाया गया है, जिसमें विसर्जन होना था। लेकिन पड़ाव की महारानी से जुड़ी समिति से जुड़े लोगों ने जबरदस्ती मूर्ति को नर्मदा में विसर्जित करने की कोशिश की। इसके बाद मौके पर हालात बेकाबू हो गए और यहां पत्थरबाजी शुरू हो गई। जिसमें कई गाड़ियां फूट गई हैं। उपद्रवियों ने पुलिस की गाड़ियां भी फोड़ डाली हैं।
ये जुलूस शहर के अलग-अलग इलाकों से निकलता है और इसमें 24 घंटे से ज्यादा का वक्त लग जाता है। आस-पास के इलाकों से इस जुलूस में शामिल होने के लिए हजारों लोग आते हैं। इस जुलूस को लेकर पहले ही पुलिस ने समिति से जुड़े लोगों के साथ बैठक करके समझाइश दी थी कि प्रतिमा विसर्जन नर्मदा नदी में नहीं होगा, लेकिन इसके बावजूद समिति ने आज सुबह ग्वारीघाट में प्रतिमा विसर्जन की कोशिश की, जिसके बाद हालात बिगड़ गए थे।
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