दिवाली की रात हुई थी डबल मर्डर: सोनू मटका एनकाउंटर में ढेर
क्या आप जानते हैं कि दिवाली की रात दिल्ली के शाहदरा में हुए उस भीषण हत्याकांड में शामिल कुख्यात बदमाश सोनू मटका अब इस दुनिया में नहीं रहा? जी हाँ, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मेरठ में एक मुठभेड़ में उसे ढेर कर दिया है। इस ख़बर ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है, और लोग इस घटना के बारे में और अधिक जानने के लिए उत्सुक हैं। आइए जानते हैं इस पूरे मामले की पूरी कहानी…
सोनू मटका: 50 हजार का इनामी बदमाश
सोनू मटका, जिसे मोनू मटका के नाम से भी जाना जाता था, 50 हजार रूपये का इनामी बदमाश था। वह हाशिम बाबा गैंग का कुख्यात शूटर था और उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और दिल्ली में लूट और हत्या के कई मामले दर्ज थे। उस पर दिवाली की रात शाहदरा में एक चाचा-भतीजे की हत्या करने का आरोप था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था। पुलिस ने उसकी तलाश में कई छापे मारे थे, लेकिन वो हमेशा एक कदम आगे ही रहता था। अंत में, मेरठ में एक मुठभेड़ में पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ये एनकाउंटर कई सवालों को जन्म दे सकता है, और इस बारे में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो सकती हैं।
मुठभेड़ की पूरी कहानी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शनिवार तड़के स्पेशल सेल की टीम को सोनू मटका के मेरठ में होने की सूचना मिली। टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे घेर लिया। इसके बाद दोनों तरफ से कई राउंड फायरिंग हुई और मुठभेड़ में सोनू मटका पुलिस की गोली से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया लेकिन वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इससे पहले, घटना में शामिल एक नाबालिग को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी थी।
दिवाली की रात का वह खौफनाक हादसा
अक्टूबर में, दिल्ली के शाहदरा में दिवाली की रात एक परिवार के दो सदस्यों की हत्या कर दी गई थी, जो की एक भयानक और अविस्मरणीय घटना थी। आकाश शर्मा और उसके 16 वर्षीय भतीजे ऋषभ शर्मा को गोली मार दी गई थी। आकाश शर्मा के 10 वर्षीय बेटे कृष भी गोली लगने से घायल हो गया था। यह पूरी घटना इतनी भयावह थी कि पूरे परिवार में मातम छा गया था। ये हत्या कैसे हुई, और क्यों हुई? जानने के लिए आगे पढ़े!
सीसीटीवी फुटेज ने खोली पूरी कहानी
घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने पर पूरी घटना साफ हो गई थी। फुटेज में दिखाया गया था कि सोनू मटका अपने साथी के साथ स्कूटी पर आता है। सोनू आकाश के पैर छूकर आशीर्वाद लेता है और उसी वक़्त गोली चला देता है। गोली आकाश और उसके बेटे कृष को भी लग जाती है। ऋषभ जब सोनू को रोकने की कोशिश करता है, तो उसे भी गोली मार दी जाती है। इस फुटेज के सामने आने के बाद पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी थी।
पुलिस की सफलता और आगे का रास्ता
सोनू मटका के एनकाउंटर ने पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है और एक डर को समाप्त किया है। हालांकि, इससे एक और अहम सवाल उठता है कि इस तरह की घटनाएँ भविष्य में रुकेंगी कैसे? क्या दिल्ली और आसपास के इलाकों में हथियारों के प्रयोग पर और सख्त नियम बनाने की आवश्यकता है? क्या हथियारों की उपलब्धता पर रोक लगाई जानी चाहिए ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके? और क्या इस मामले से सीखकर, अन्य अपराधों पर भी कार्रवाई की जाएगी?
क्या कहना है लोगों का?
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी है। कई लोगों ने सोनू मटका की मौत पर अपनी खुशी जाहिर की है और कहा है कि यह दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक बड़ी राहत है। वहीं कुछ ने सवाल भी उठाए हैं कि आखिर पुलिस ने उसे इतने दिनों तक क्यों नहीं पकड़ा?
टेक अवे पॉइंट्स
- सोनू मटका, 50 हजार का इनामी बदमाश, मेरठ में एक मुठभेड़ में मारा गया।
- वह दिवाली की रात हुए डबल मर्डर में शामिल था।
- घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया था जिसने पूरी कहानी बताई।
- इस एनकाउंटर से पुलिस की सराहना हुई है, पर साथ ही कई सवाल भी उठे हैं।

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