संभल हिंसा: कब्रिस्तान से मिले कारतूस के खोखे, क्या है पूरा सच?

संभल हिंसा: कब्रिस्तान से बरामद हुए और कारतूस के खोखे! क्या है पूरा मामला?

संभल में हुई हिंसा के बाद से ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है. घटनास्थल के आसपास सर्च ऑपरेशन जारी है और ताज़ा खबर ये है कि कब्रिस्तान से और कारतूस के खोखे बरामद हुए हैं! क्या ये खुलासा हिंसा के पीछे के सच तक पहुँचाने में मददगार साबित होगा? आइये जानते हैं इस दिलचस्प मामले की पूरी कहानी।

कब्रिस्तान में मिली चौंकाने वाली चीज़ें

संभल हिंसा के घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर स्थित कब्रिस्तान में, पुलिस ने सर्च ऑपरेशन के दौरान चार कारतूस के खोखे बरामद किये हैं. ये खोखे मिट्टी में दबे हुए थे और मेटल डिटेक्टर की मदद से खोजे गए. तीन दिनों से चल रहे इस सर्च ऑपरेशन में, ASP श्रीशचंद्र और सीओ अनुज चौधरी के नेतृत्व में पुलिस की टीमें दिन-रात जुटी हुई हैं. कब्रिस्तान में चार घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद ये कारतूस के खोखे बरामद हुए हैं।

क्या ये खोखे हिंसा के राज़ खोलेंगे?

इन बरामद कारतूसों के खोखों से पुलिस को उम्मीद है कि हिंसा के पीछे छिपे अपराधियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है. पुलिस इन खोखों का फॉरेंसिक जांच कराएगी ताकि यह पता चल सके कि किस तरह के हथियार इस्तेमाल किए गए थे और क्या ये खोखे उसी हथियार से निकले हैं जो हिंसा में इस्तेमाल हुआ था। यह जाँच हिंसा की गहराई और इसके पीछे के षड्यंत्र को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

संभल हिंसा: एक करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान

संभल हिंसा में सार्वजनिक और निजी संपत्ति को व्यापक नुकसान पहुंचा है. पुलिस के मुताबिक, एक करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति का नुकसान हुआ है. कारों में आग लगाई गई, ट्रांसफार्मर जलाए गए, और कई दुकानों को नुकसान पहुँचाया गया. इस नुकसान की भरपाई के लिए पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ़ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की है. पुलिस द्वारा संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के मामले में 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 400 से ज़्यादा लोगों की पहचान की जा चुकी है।

दंगाइयों से वसूली जाएगी क्षतिपूर्ति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर सख्त रुख अपनाते हुए पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घटना में शामिल उपद्रवियों से पूरी क्षतिपूर्ति वसूली जाए. उन्होंने स्पष्ट किया है कि एक भी उपद्रवी इस घटना से बच नहीं पाएगा। इस कड़े फैसले से कई लोगों को डर और चिंता हो रही है।

संभल हिंसा: क्या है पूरा मामला?

24 नवंबर को संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. इस हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए. पुलिस ने इस घटना में ढ़ाई हज़ार से ज़्यादा लोगों के खिलाफ़ मामला दर्ज किया है, जिनमें से ज़्यादातर अज्ञात हैं। समाजवादी पार्टी के संभल से सांसद जिया उर रहमान बर्क और संभल के विधायक इकबाल महमूद के बेटे सोहेल इकबाल भी इस मामले में नामजद हैं।

हिंसा की जड़ में क्या?

हिंसा की असली वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन कई सवाल उठ रहे हैं. क्या ये हिंसा पहले से प्लान की गई थी? क्या इसमें किसी राजनितिक दल या संगठन का हाथ है? इन सब सवालों के जवाब जानने के लिए पुलिस लगातार जांच में जुटी हुई है. बरामद हुए कारतूस के खोखे इस जांच में नए सुराग दे सकते हैं।

Take Away Points

  • संभल हिंसा के बाद कब्रिस्तान से और कारतूस के खोखे मिले हैं।
  • पुलिस ने 40 लोगों को गिरफ्तार किया है और 400 से ज़्यादा की पहचान की है।
  • हिंसा में एक करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है।
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

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