राम मंदिर की दिवाली सजावट: स्वदेशी सामान से जगमगाएगा अयोध्या

अयोध्या में दिवाली का त्योहार इस साल पहले से ज़्यादा खास होने वाला है! इस बार राम मंदिर की सजावट में होगा एक बड़ा बदलाव, जिससे देशभक्ति की भावना और बढ़ेगी। जी हाँ, इस बार राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने एक ऐसा फैसला लिया है जिससे पूरा देश गर्व महसूस करेगा. ट्रस्ट ने चीनी झालरों, लाइटों और अन्य सामानों का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला किया है। अब सवाल उठता है कि क्या है इस फ़ैसले के पीछे की वजह?

स्वदेशी सामान से जगमगाएगा राम मंदिर

इस फ़ैसले के पीछे की वजह है ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ की भावना को बढ़ावा देना. ट्रस्ट का मानना है कि इस तरह से स्थानीय शिल्पकारों को बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम होगा. दिवाली के अवसर पर राम मंदिर की शानदार सजावट अब देशी सामान से होगी. देशभर के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे और राम मंदिर को और भी खूबसूरत बनाएंगे। यह कदम न सिर्फ़ देशभक्ति का प्रतीक है बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने का भी एक उदाहरण है। सोचिए, कितने कारीगरों और कलाकारों को रोज़गार मिलेगा! राम मंदिर की दिवाली की रौनक, स्वदेशी उत्पादों के साथ और भी निखरेगी।

आत्मनिर्भर भारत का संदेश

यह फैसला ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के प्रति ट्रस्ट की प्रतिबद्धता को दिखाता है। राम मंदिर एक पवित्र स्थल होने के साथ-साथ देशभक्ति और आत्मनिर्भरता का भी प्रतीक है. इस कदम से प्रेरणा लेकर देश के अन्य मंदिर और धार्मिक स्थल भी आगे आकर स्वदेशी सामान का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह एक ऐसा कदम है जो देश की आर्थिक और सांस्कृतिक समृद्धि को बढ़ावा देगा। राम मंदिर की खूबसूरती अब देश की कला और संस्कृति से भी ज़्यादा निखरेगी।

दीपोत्सव का भव्य आयोजन

इस साल अयोध्या में आठवां दीपोत्सव आयोजित किया जा रहा है, जो राम मंदिर में राम लला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के बाद का पहला दीपोत्सव है. इस बार अयोध्या में दीयों की रोशनी से ऐसा नज़ारा होगा, जो लोगों को हैरान कर देगा। राम मंदिर को दीयों, फूलों, और लाइटों से सजाया जाएगा. सुरक्षा के लिए 10,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिनमें से आधे सादे कपड़ों में होंगे। यह सब दर्शाता है कि इस आयोजन को कितनी गंभीरता से लिया गया है।

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य इस साल एक साथ सबसे अधिक संख्या में दीये जलाकर फिर से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना है. दीपोत्सव के साथ-साथ राम लीला और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा. यह आयोजन दुनियाभर से लोगों को अयोध्या की ओर आकर्षित करेगा। यह आयोजन अयोध्या की पवित्र भूमि और उसकी संस्कृति को विश्व पटल पर ले जाएगा.

सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम

ऐसे भव्य आयोजन के लिए सुरक्षा व्यवस्था बहुत ज़रूरी है. अयोध्या प्रशासन ने दीपोत्सव के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की है. लगभग 10,000 पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी जिसमें आधे से ज़्यादा सादे कपड़ों में होंगे ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके। आयोजन स्थल पर सीसीटीवी कैमरों की निगरानी होगी और सुरक्षा के और भी कई इंतजाम किए गए हैं।

आम लोगों का सहयोग

हालाँकि प्रशासन ने चीनी सामान का उपयोग न करने की अपील की है, लेकिन यह लोगों पर निर्भर है कि वे इसका पालन करेंगे या नहीं. हर भारतीय का यह कर्तव्य है कि वह ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ को आगे बढ़ाए और देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने में योगदान दे।

टेक अवे पॉइंट्स

  • राम मंदिर की दिवाली सजावट में चीनी सामानों से परहेज।
  • ‘वोकल फ़ॉर लोकल’ को बढ़ावा देने का प्रयास।
  • आत्मनिर्भर भारत की ओर एक कदम।
  • अयोध्या में भव्य दीपोत्सव का आयोजन।
  • कड़ी सुरक्षा व्यवस्था।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *