भोपाल। इस समय मध्य प्रदेश में सियासत चरम पर है। मुख्यमंत्री कमलनाथ के लिए कांग्रेस सरकार को बचाना बड़ी चुनौती है। दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य के बगावत कर भाजपा का दामन थामने से सरकार पर संकट गहराया है। दरअसल वर्ष 2018 के अंत में चुनाव के नतीजे आते ही कमलनाथ और सिंधिया के बीच दरार दिख गई थी और वक्त बीतने के साथ खाई में बदल गई। भाजपा ने भी मौके का फायदा उठाकर सिंधिया को अपने दल में शामिल कर लिया और उन्हें हाथों हाथ 26 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए टिकट भी दे दिया।
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- मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक रविवार सुबह 11 बजे के करीब जयपुर से भोपाल पहुंचे। बताया जा रहा है कि इनकी संख्या 90 है। इन्होंने एअरपोर्ट पर कमलनाथ सरकार की जीत का दावा किया। इन्हें बसों से होटल मैरियट ले जाया गया।
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मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों के रविवार को जयपुर से भोपाल आने की संभावनाओं के चलते हवाईअड्डे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हवाईअड्डे पर निषेधाज्ञा 144 लागू है। कांग्रेस के जयपुर गए विधायको को रविवार को भोपाल लाया जा रहा है। इन विधायकों के आने की संभावनाओं के मद्देनजर राजा भोज विमान तल पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए है, भारी संख्या में सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया है। हवाईअड्डे पर भीड़ जमा न हो, इसके भी प्रयास किए गए हैं। ज्ञात हो कि, बीते दो दिन पहले कुछ विधायकों के आने की खबरों को लेकर भारी संख्या में कार्यकर्ता हवाईअड्डे पर जमा हो गए थे और विवाद की स्थिति बनी थी। तब पुलिस उप महानिरीक्षक इरशाद वली ने हवाईअड्डे पर निषेधाज्ञा 144 लागू करने की जानकारी दी थी। वह अब भी लागू है।
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मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायकों को रविवार को जयपुर से भोपाल लाया जा रहा है। विशेष विमान से लाए जा रहे ये विधायक भोपाल में एक साथ रखे जाएंगे। कांग्रेस के उच्च सूत्रों ने बताया है कि विधायक जयपुर के हवाईअड्डे पर पहुंच चुके हैं और उन्हें वहां से विशेष विमान से भोपाल लाया जा रहा है। विधायकों की संख्या 90 बताई जा रही है। इन विधायकों के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत और राष्ट्रीय सचिव सुधांशु त्रिपाठी भी आ रहे हैं। गौरतलब है कि 11 मार्च को कांग्रेस के विधायकों को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव सुधांशु त्रिपाठी के साथ जयपुर भेजा था। यह विधायक चार दिन तक जयपुर के एक रिसॉर्ट में रहे, इस दौरान विधायकों ने कई मंदिरों और देव स्थलों का भ्रमण किया। इन विधायकों से कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक व हरीश रावत ने भी संवाद किया था।
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मध्य प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से सरकार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण के तुरंत बाद बहुमत साबित करने को कहा है। राज्यपाल टंडन ने देर रात को मुख्यमंत्री कमलनाथ को पत्र लिखकर कहा है कि, राज्य के 22 विधायक अपनी सदस्यता से इस्तीफा दे चुके है, इनमें से छह मंत्रियों को बर्खास्त किए जाने के साथ उनकी सदस्यता भी खत्म की जा चुकी है।
इस्तीफा दे चुके सभी विधायक सुरक्षा में विधानसभाध्यक्ष के समक्ष उपस्थित होना चाहते है। राज्यपाल के पत्र में मुख्यमंत्री से कहा गया है कि आप भी बहुमत हासिल करने की सहमति दे चुके है। भाजपा ने भी ज्ञापन दिया है। राज्यपाल ने लिखा है, प्रथमदृष्टया मुझे विश्वास हो गया है कि आपकी सरकार ने सदन में विश्वास खो दिया है और आपकी सरकार अल्पमत में है। यह स्थिति अत्यंत गंभीर है, इसलिए संवैधानिक रूप से अनिवार्य एवं प्रजातांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए आवश्यक हो गया है कि दिनांक 16 मार्च को मेरे अभिभाषण के बाद विश्वासमत परीक्षण करें।
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