MAHARASHTRA : मैसेज राजनीति शिवसेना-NCP में, अजित पवार को संजय राउत ने लिखा- जय महाराष्ट्र

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मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के परिणाम आए दस दिन हो गए हैं। इसके बाद भी महाराष्ट्र में सरकार बनाने को लेकर सस्पेंस जारी है। लेकिन राज्य में किसकी सरकार बनेगी यह अब तक साफ नहीं हो पाया है। शिवसेना 50-50 फॉर्मूले पर अड़ी हुई है तो वहीं भाजपा इस पर राजी होने को तैयार नहीं है।

अपडेट…
– राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) नेता अजित पवार ने दावा किया है कि उन्हें शिवसेना नेता संजय राउत ने मैसेज भेजा है। मैसेज के बारे में बताते हुए पवार ने बताया कि संजय राउत ने ‘जय महाराष्ट्र’ का मैसेज भेजा है। अब हम आपस में बातचीत करेंगे।

अजित पवार ने कहा कि एनसीपी ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ा है। एक पक्ष यह निर्णय नहीं ले सकता। शिवसेना के गठबंधन का निर्णय कांग्रेस-एनसीपी को संयुक्त रूप से करना है, लेकिन भाजपा और शिवसेना का गठबंधन एक साथ लड़ा और उन्हें बहुमत मिला है। अब उन्हें सरकार बनानी चाहिए।

-महाराष्ट्र में सियासी हलचल के बीच शिवसेना के नेता संजय राउत ने बताया है कि शिवसेना को 170 से ज्यादा विधायकों का समर्थन है। उनके इस बयान से हलचल और तेज हो गई है। महाराष्ट्र में सरकार गठन के लिए 145 विधायकों की आवश्यकता है। जाहिर उनके इस बयान से बीजेपी के में खलबली मच गई है।
-मुंबई में एनसीपी मुख्यालय में पार्टी नेताओं की बैठक हो रही है। यह बैठक सोमवार को पार्टी प्रमुख शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के बीच होनी वाली मुलाकात से पहले हो रही है। इस बीच एनसीपी प्रवक्ता नवाब मलिक ने कहा कि अगर शिवसेना कहती है कि उनका मुख्यमंत्री बनेगा तो यह बिल्कुल मुमकिन है।

  • शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि मुख्यमंत्री तो शिवसेना का ही बनेगा।

शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने आज सामना अखबार में लिखा है कि बीजेपी को ईडी, पुलिस, पैसा, धाक के दम पर अन्य पार्टियों के विधायक तोड़कर सरकार बनानी पड़ेगी। उन्होंने साफ करते हुए लिखा है कि बीजेपी के सामने शिवसेना घुटने नहीं टेकेगी और शिवसेना की ओर से बीजेपी पर बयानों का तीर नतीजों के बाद से जारी है। शिवसेना ने बीजेपी के राष्ट्रपति शासन वाले बयान पर पलटवार करते हुए पूछा है कि राष्ट्रपति आपकी जेब में हैं क्या।

आपको बताते जाए कि महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने शुक्रवार को कहा था कि अगर राज्य में सात नवंबर तक नई सरकार नहीं बनती है तो यहां राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। इसके अलावा शिवसेना बीजेपी को यह भी बताती रही है कि उसके पास और भी विकल्प हैं। शिवसेना अगर विकल्प की बात कर रही है तो जाहिर है पार्टी की ओर से खिचड़ी पक रही है।

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