सेंगर को मिली 10 दिन की अंतरिम जमानत: उन्नाव रेप केस में बड़ा मोड़

कुलदीप सेंगर को मिली 10 दिन की अंतरिम जमानत: उन्नाव रेप पीड़िता केस में बड़ा मोड़

उन्नाव रेप पीड़िता केस में एक और चौंकाने वाला मोड़ आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व बीजेपी नेता कुलदीप सेंगर को 10 दिनों की अंतरिम जमानत दे दी है। यह फैसला उस समय आया है जब सेंगर उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में दोषी करार दिया गया था। क्या है पूरा मामला? क्या सेंगर को वाकई में जमानत मिल गई? इस लेख में जानिए सेंगर केस की पूरी कहानी और हाईकोर्ट के फैसले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं को।

सेंगर की मेडिकल ग्राउंड पर याचिका

दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस मनोज कुमार ओहरी ने सेंगर की याचिका पर सुनवाई करते हुए उन्हें अंतरिम जमानत दे दी है। सेंगर ने अपनी खराब मेडिकल कंडीशन का हवाला देते हुए जमानत की गुहार लगाई थी। उन्होंने तर्क दिया कि वह पिछले कई सालों से जेल में बंद हैं और उनकी सेहत लगातार बिगड़ती जा रही है। उनके वकील ने अदालत को बताया कि उन्हें कई गंभीर बीमारियां हैं और उनका अस्पताल में इलाज ज़रूरी है।

हाईकोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला

कोर्ट ने सेंगर की मेडिकल स्थिति का संज्ञान लेते हुए उनकी 10 दिन की अंतरिम जमानत मंजूर कर ली। इसके साथ ही कोर्ट ने कई शर्तें भी लगाई हैं। सेंगर को 50,000 रुपये के निजी मुचलके पर रिहा किया गया है और उतनी ही रकम की जमानत भी जमा करनी होगी। कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया है कि सेंगर को रिहाई के अगले ही दिन एम्स अस्पताल में भर्ती कराया जाए और वहां एक मेडिकल बोर्ड उनका जांच करेगा। रिपोर्ट में उनकी मेडिकल स्थिति की समीक्षा के साथ ये भी बताया जाएगा कि उनका इलाज कितने समय में पूरा किया जा सकता है।

क्या है पूरा मामला? उन्नाव रेपकांड की सच्चाई

कुलदीप सेंगर 2017 में एक नाबालिग लड़की के साथ रेप के मामले में दोषी पाए गए थे और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा, उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की मौत के मामले में भी उन्हें दोषी करार दिया गया है। यह केस काफी विवादास्पद रहा और इसमें कई तरह के मोड़ आए हैं। लोगों का मानना है कि इस मामले में कई राजनीतिक दबाव थे और न्याय के लिए लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा।

सेंगर की जमानत: कानूनी लड़ाई जारी

सेंगर के लिए यह 10 दिनों की जमानत एक छोटी राहत है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनकी सजा स्थगित करने की याचिका अभी भी अदालत में विचाराधीन है। अगर उनकी सजा स्थगित होती है, तो उनको लंबे समय के लिए जेल से बाहर रहने का मौका मिल सकता है। दूसरी ओर, पीड़िता और उनके परिवार वालों का कहना है कि इस जमानत के फैसले से उन्हें न्याय के प्रति आशंका पैदा हुई है। इसलिए सेंगर के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।

टेक अवे पॉइंट्स:

  • कुलदीप सेंगर को 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली।
  • जमानत मेडिकल ग्राउंड पर दी गई।
  • सेंगर उन्नाव रेप पीड़िता केस से जुड़े हैं।
  • सजा स्थगित करने की याचिका अभी भी विचाराधीन है।
  • यह केस राजनीतिक दबाव और न्याय की लड़ाई को दर्शाता है।

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