जलेसर में जमीन विवाद: हिंसा, पथराव और पुलिस कार्रवाई

जलेसर में जमीन विवाद: दीवार तोड़ने और पथराव की घटना ने मचाया हड़कंप!

जलेसर कस्बे में कलवारी मार्ग स्थित हजरत इब्राहिम साहब की दरगाह के पास जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया है। एक खेत में बन रही बाउंड्री को लेकर हुए विवाद में अराजक तत्वों ने जमकर उत्पात मचाया, दीवार तोड़ी और पथराव किया। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी है। आइए, जानते हैं इस दिल दहला देने वाली घटना के बारे में विस्तार से…

विवाद की शुरुआत: जमीन का दावा

यह पूरा विवाद एक 24 बीघा खेत की जमीन पर बन रही बाउंड्री को लेकर शुरू हुआ। मोहल्ला नकटा कुआं के रहने वाले सतीश चंद्र उपाध्याय और अनिल कुमार उपाध्याय ने अपने खेत में सीमेंट की बाउंड्री बनवाना शुरू किया। लेकिन, शाम होते ही अराजक तत्वों के एक समूह ने वहां पहुंचकर बाउंड्री तोड़ दी और उपाध्याय परिवार के साथ मारपीट शुरू कर दी।

हिंसक प्रदर्शन और पथराव

स्थिति तब और बिगड़ गई जब उपाध्याय परिवार ने इसका विरोध किया। गुस्साए अराजक तत्वों ने पथराव शुरू कर दिया। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। दोपहिया वाहनों और एक मैक्स गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, हत्या की नीयत से दंगा फैलाने के आरोपों के तहत रफीक समेत 16 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस-प्रशासन का त्वरित एक्शन: हालात पर काबू

घटना की जानकारी मिलते ही उप जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी पुलिस और कोतवाली प्रभारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पथराव कर रही भीड़ को खदेड़कर हालात पर काबू पाया। दरगाह के आसपास फ्लैग मार्च भी किया गया ताकि शांति बनी रहे। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

जांच में खुलासा: पैतृक जमीन पर विवाद

जांच में पता चला कि विवादित भूमि नकटा कुआं मोहल्ले के निवासियों अनिल कुमार उपाध्याय, राजेश, और रमेश चंद्र की पैतृक जमीन है। आरोपियों ने इस जमीन को वक्फ की जमीन बताकर जानबूझकर अशांति फैलाई।

मामले की गंभीरता और आगे की कार्रवाई

एसएसपी सत्यनारायण ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने साम्प्रदायिक सौहार्द को नुकसान पहुंचाया है, इसलिए पुलिस और प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है।

क्या हैं इस मामले के सबक?

जमीन विवादों में बढ़ते तनाव से उत्पन्न हिंसा को रोकने के लिए जागरूकता अभियान और तत्काल प्रशासनिक हस्तक्षेप ज़रूरी हैं। समुदायिक नेताओं और नागरिक समाज को ऐसे मामलों में मध्यस्थता में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि ऐसे विवाद सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाए जाएं।

Take Away Points:

  • जलेसर में जमीन विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।
  • अराजक तत्वों ने दीवार तोड़ी और पथराव किया।
  • पुलिस ने 16 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।
  • प्रशासन ने हालात पर काबू पा लिया है, जांच जारी है।
  • जमीन विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की आवश्यकता है।

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