दिल्ली त्रिहत्याकांड: बेटे ने की माता-पिता और बहन की हत्या, जानिए कैसे खुला राज?
क्या आप जानते हैं कि दिल्ली के नेब सराय इलाके में एक हैरान कर देने वाली घटना हुई है? एक बेटे ने अपनी ही मां, पिता और बहन की निर्मम हत्या कर दी! यह मामला इतना दिल दहला देने वाला है कि सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। इस लेख में हम आपको इस त्रासदी से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी देंगे, और बताएंगे कि आखिरकार पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राज कैसे सुलझाया।
एक मॉर्निंग वॉक की कहानी
शुरुआत में, बेटे ने दावा किया कि वह मॉर्निंग वॉक पर गया था, और इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने घर में घुसकर यह वारदात को अंजाम दिया। लेकिन, क्या आप जानते हैं? पुलिस ने जब आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की, तो एक हैरान करने वाली सच्चाई सामने आई। सीसीटीवी में साफ दिख रहा था कि घर में कोई भी अंदर नहीं आया था। न तो घर का दरवाजा टूटा था और न ही ताले के साथ कोई छेड़छाड़।
शक हुआ बेटे पर
यह मामला बिल्कुल ही अनोखा था। ताले की स्थिति ने पुलिस को बेटे, अर्जुन पर शक पैदा किया। सख्त पूछताछ में उसने अपना गुनाह कुबूल कर लिया। लेकिन, आखिर क्या कारण था इतने बड़े जुर्म के पीछे?
पिता की डांट और प्रॉपर्टी का विवाद
अर्जुन ने बताया कि उसका पिता पढ़ाई को लेकर उसे लगातार डांटते थे, हालांकि अर्जुन का पढ़ाई में मन ही नहीं लगता था। कुछ दिनों पहले, उसके पिता ने उसे कई लोगों के सामने डांटा और पीटा था। इससे वह बेहद शर्मिंदा हुआ और घर में तन्हा महसूस करने लगा। उसे अपनी मां और बहन का भी साथ नहीं मिल रहा था।
यह भी सामने आया कि अर्जुन को यह पता चला था कि उसके पिता अपनी सारी संपत्ति उसकी बहन के नाम करने वाले हैं। यही बात उसे इतनी भारी पड़ गई कि उसने इस भीषण हत्याकांड को अंजाम देने का फैसला कर लिया।
27वीं शादी की सालगिरह पर काला साया
और भी दिल दहला देने वाली बात है कि यह वारदात उसके माता-पिता की 27वीं शादी की सालगिरह के मौके पर हुई। उस दिन जो परिवार खुशियों में डूबा हुआ था, अगले ही दिन वो खत्म हो गया। यह घटना ना केवल परिवार के लिए बल्कि आस-पास के पड़ोसियों के लिए भी बेहद सदमे की बात है।
पुलिस ने कैसे सुलझाया ये मामला?
पुलिस ने बुधवार को इस हत्याकांड की जानकारी मिलने के बाद तुरंत काम शुरू कर दिया। मृतकों की पहचान राजेश कुमार (51), कोमल (46) और कविता (23) के रूप में हुई। परिवार मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला था, और बच्चों की अच्छी शिक्षा और बेहतर करियर के लिए 15 साल पहले दिल्ली आया था।
सीसीटीवी का सच
पुलिस ने पहले तोड़फोड़ या चोरी के कोई सबूत नहीं मिले। सीसीटीवी फुटेज की जांच करने के बाद पता चला कि घर में कोई बाहरी व्यक्ति नहीं गया था। लेकिन ताले पर ध्यान जाने पर और घर के अंदर शव मिलने पर, पुलिस को शक हुआ। यही से जांच का दायरा परिवार तक सीमित हो गया, जिसने आखिरकार सच उजागर कर दिया।
अर्जुन का कबूलनामा
पुलिस ने बेटे अर्जुन को हिरासत में लिया और कड़ी पूछताछ की जिसके बाद उसने अपना जुर्म कबूल किया। एक बेटा, अपने माँ बाप और बहन, तीनों का कातिल। यह वाकई बेहद दर्दनाक और सोचने लायक घटना है।
मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट थे अर्जुन और कविता
एक रोचक बात यह भी सामने आई है कि अर्जुन और उसकी बहन कविता दोनों मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट थे! कविता एक मेधावी छात्रा भी थी जिस वजह से घर वाले उसको ज़्यादा तरजीह देते थे और अर्जुन पढ़ाई में कमजोर था जिस कारण उसे डांटा-फटकार भी पड़ती थी। अर्जुन बॉक्सिंग में दिलचस्पी रखता था।
Take Away Points
- यह घटना दर्शाती है कि परिवारिक झगड़े कितने घातक हो सकते हैं।
- माता-पिता को बच्चों के साथ अच्छा संवाद बनाए रखना बहुत ज़रूरी है।
- पुलिस की तेजतर्रार जाँच ने इस हैरान करने वाले केस को सुलझाने में मदद की।
यह एक बेहद भयानक घटना है जिसने एक परिवार को हमेशा के लिए तबाह कर दिया। यह हमें सोचने पर मजबूर करती है कि आज के समय में पारिवारिक संबंधों का कितना महत्व है और कैसे छोटे झगड़े बड़े हादसों का रूप ले सकते हैं।

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