दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है! वायु प्रदूषण के स्तर में भारी वृद्धि को देखते हुए, केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए काम के घंटों में बदलाव किया है और कई अन्य अहम कदम उठाए हैं जो आपको जानकर हैरानी होगी! आइए, इस लेख में विस्तार से जानते हैं कि सरकार ने प्रदूषण से लड़ने के लिए क्या-क्या कदम उठाए हैं और आप खुद भी इसमें कैसे योगदान दे सकते हैं।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए बदले गए कार्य घंटे
केंद्र सरकार ने दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए अपने कर्मचारियों के लिए कार्य समय में बदलाव करने का फैसला किया है। कार्मिक मंत्रालय के आदेश के अनुसार, केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और संगठनों के कार्यालय अब दो अलग-अलग समय पर खुलेंगे:
- सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक
- सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक
यह बदलाव वायु प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इसके अलावा, कर्मचारियों को निजी वाहनों के उपयोग को कम करने और सार्वजनिक परिवहन या वाहन पूलिंग का अधिक से अधिक उपयोग करने की सलाह दी गई है। यह कदम प्रदूषण को कम करने और कर्मचारियों के स्वास्थ्य की रक्षा करने में मदद करेगा।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बढ़ावा
सरकार ने अपने कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन और वाहन पूलिंग को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। यह कदम न केवल वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा बल्कि यातायात की समस्या को भी कम करने में योगदान देगा। क्या आपको पता है कि व्यक्तिगत वाहनों से निकलने वाला धुआँ वायु प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है?
ऑफिस में एयर प्यूरीफायर
केंद्र सरकार ने ऑफिसों में एयर प्यूरीफायर लगाने पर भी विचार किया है, ताकि कर्मचारियों को सांस लेने में आसानी हो और प्रदूषण का प्रभाव कम हो सके।
GRAP नियमों में बड़ा बदलाव: स्कूल बंद
वायु प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए, CAQM (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग) ने GRAP नियमों में संशोधन किया है। अब, GRAP के स्टेज 3 और 4 पर स्कूलों की फिजिकल कक्षाएं बंद करना अनिवार्य हो गया है।
- GRAP-III: पांचवीं कक्षा तक की कक्षाएं ऑनलाइन होंगी।
- GRAP-IV: दसवीं कक्षा तक की कक्षाएं ऑनलाइन होंगी।
यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यह पहला मौका नहीं है जब दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के कारण स्कूल बंद हुए हैं, लेकिन इस बार सरकार ने GRAP के आधार पर स्कूलों को बंद करने का फैसला किया है जिससे स्थिति की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
प्रदूषण से बच्चों की सुरक्षा
बच्चों को प्रदूषण के खतरों से बचाने के लिए यह फैसला बहुत ही जरुरी था। बढ़ते वायु प्रदूषण बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं, इसलिए स्कूल बंद करने का यह निर्णय प्रशंसनीय है।
क्या आप प्रदूषण से लड़ने में योगदान दे सकते हैं?
सरकार के साथ-साथ हम सबको भी मिलकर वायु प्रदूषण से लड़ने की जरूरत है। हम सभी अपनी ओर से कुछ छोटे-छोटे कदम उठाकर प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं।
- सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें: अपनी कार छोड़कर, बस, मेट्रो या साइकिल का उपयोग करने से वायु प्रदूषण कम होता है।
- वाहनों की नियमित सर्विस कराएं: वाहन की सही देखभाल प्रदूषण कम करने में मदद करती है।
- कारपूलिंग करें: अगर आपको कार में ऑफिस जाना है, तो दूसरों के साथ कारपूलिंग करके पेट्रोल और प्रदूषण दोनों को कम किया जा सकता है।
- पौधे लगाएँ: पौधे हवा को शुद्ध करते हैं और वायु प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं।
- प्रदूषण को रोकने के लिए जागरूकता फैलाएं: अगर हर व्यक्ति प्रदूषण को रोकने में योगदान देगा, तो हमारे शहर की हवा साफ़ हो जाएगी।
Take Away Points
- दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए काम के समय में बदलाव किया है।
- सरकार ने सार्वजनिक परिवहन और वाहन पूलिंग का उपयोग करने के लिए भी प्रोत्साहित किया है।
- CAQM ने GRAP नियमों में संशोधन किया है जिसके अनुसार, GRAP के स्टेज 3 और 4 पर स्कूल बंद होंगे।
- हमें सभी को प्रदूषण कम करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए।

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