दिल्ली की हवा में सुधार: नवंबर का प्रदूषण और दिसंबर की राहत
दिल्ली की वायु गुणवत्ता में हाल ही में हुआ सुधार वाकई राहत भरा है! लगभग एक महीने तक ‘बहुत खराब’ या इससे भी बदतर हवा में सांस लेने के बाद, दिल्लीवासियों को 1 दिसंबर को साफ हवा का सुकून मिला। आइए, इस प्रदूषण के सफ़र और अब मिली राहत के बारे में विस्तार से जानते हैं। क्या आपको भी नवंबर में सांस लेना मुश्किल हुआ था? आगे पढ़ें और जानें पूरी कहानी।
नवंबर – दिल्ली का सबसे प्रदूषित महीना
नवंबर 2023, दिल्ली के इतिहास में अब तक का सबसे प्रदूषित नवंबर साबित हुआ है! पूरे महीने, यानी 30 दिन, दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ (301-400 AQI) या इससे भी ज्यादा खराब रही। इस दौरान दो दिन ‘गंभीर+’ (450+ AQI) और छह दिन ‘गंभीर’ (401-450 AQI) श्रेणी में रहे, जिससे दिल्लीवासियों का जीवन बेहद मुश्किल हो गया। 18 नवंबर को तो हवा की गुणवत्ता सबसे खराब रही, 494 AQI के साथ यह दिल्ली के इतिहास में सबसे खराब दिनों में से एक था! यह 3 नवंबर 2019 के स्तर को भी पार कर गया, जो पहले सबसे प्रदूषित दिन था। ये आंकड़े वाकई हैरान करने वाले हैं, क्या आप मानेंगे?
2018 के बाद सबसे बुरा प्रदूषण
पिछले 7 सालों (2018 से) में, 2023 का नवंबर सबसे बुरा साबित हुआ, क्योंकि इस दौरान AQI 300 से नीचे एक भी दिन नहीं आया। यह कितना चिंताजनक है, यह आप अंदाजा लगा सकते हैं!
दिसंबर की शुरुआत – एक नई उम्मीद
हालांकि, 1 दिसंबर ने इस लंबे प्रदूषण के दौर में थोड़ी राहत दी। इस दिन AQI 285 पर रिकॉर्ड हुआ, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है, लेकिन फिर भी नवंबर के मुकाबले एक बहुत बड़ा सुधार है। दिवाली के बाद यह पहला दिन था जब दिल्लीवासियों ने अपेक्षाकृत साफ हवा में सांस लेने का मौका पाया। इस सुधार का मुख्य कारण तेज हवाएं और धूप बताया जा रहा है जिसने प्रदूषकों को हटाने में मदद की।
GRAP-4 का असर
उच्च स्तर के प्रदूषण के मद्देनजर, दिल्ली में GRAP-4 लागू किया गया था, जो अब समाप्त हो चुका है, पर इसने भी हवा में कुछ सुधार में भूमिका निभाई है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार ये उपाय 2 दिसंबर तक लागू थे, हालाँकि स्कूलों के नियमों में थोड़ी ढील दी गई थी ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो।
दिल्ली के प्रदूषण से निपटने के उपाय
दिल्ली के प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए, कई व्यापक उपायों की आवश्यकता है। इनमें वाहनों का उत्सर्जन कम करना, उद्योगों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करना, निर्माण गतिविधियों का बेहतर प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन पर ध्यान देना शामिल हैं। इसके साथ ही, दिल्लीवासियों को व्यक्तिगत स्तर पर भी जागरूकता दिखाने और अपनी भूमिका निभाने की आवश्यकता है। जैसे कि सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना, कारपूलिंग को अपनाना और घरों में कम ऊर्जा खपत वाली तकनीक अपनाना।
सतत समाधान की आवश्यकता
इस बात की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया जाना चाहिए कि ये एक दीर्घकालिक समस्या है जिसके निवारण के लिए दीर्घकालिक समाधान खोजने की जरूरत है, न कि सिर्फ अस्थायी उपायों की। केवल तब हम दिल्लीवासियों को बेहतर जीवन सुनिश्चित कर सकेंगे।
Take Away Points
- नवंबर 2023 दिल्ली का अब तक का सबसे प्रदूषित नवंबर रहा।
- 1 दिसंबर को AQI में सुधार हुआ, जो कि राहत देने वाला है।
- GRAP-4 के उपायों ने प्रदूषण कम करने में भूमिका निभाई।
- दिल्ली के प्रदूषण से निपटने के लिए व्यापक और सतत उपाय आवश्यक हैं।

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