90 लाख रुपये की आयुष्मान योजना ठगी: साइबर अपराधियों का जाल
क्या आप जानते हैं कि कैसे एक साधारण फोन कॉल आपके बैंक खाते को खाली कर सकता है? सहारनपुर के डॉक्टर प्रभात कुमार वर्मा के साथ हुआ यही। आयुष्मान योजना के नाम पर ठगों ने उनसे 90 लाख रुपये की ठगी कर ली! यह घटना साइबर क्राइम की बढ़ती घटनाओं की एक और भयावह कहानी है, जिसने एक बार फिर से हमें सावधान रहने की याद दिलाई है। इस लेख में, हम इस दिल दहला देने वाले मामले की गहराई से पड़ताल करेंगे और आपको इस तरह की ठगी से बचने के तरीके बताएंगे।
ठगी का तरीका: धोखाधड़ी का नया आयाम
यह ठगी का तरीका बेहद चालाक था। ठगों ने डॉक्टर वर्मा को गूगल से उनकी जानकारी प्राप्त करके फोन किया। उन्होंने खुद को आयुष्मान योजना अधिकारी बताया और डॉक्टर को उनके बिल जल्दी पास कराने का लालच दिया। उन्होंने 10 प्रतिशत कमीशन का वादा किया, और डॉक्टर वर्मा, भरोसे में आकर, ठगों के जाल में फंस गए। 20 लाख रुपये की पहली किश्त ट्रांसफर होने के बाद, ठगों ने धीरे-धीरे और पैसे मांगे, और आखिरकार, डॉक्टर ने कुल 90 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद ठगों ने अपना नंबर बंद कर दिया, जिससे डॉक्टर को ठगी का एहसास हुआ।
लखनऊ में गिरफ्तारी: पुलिस की तत्परता
डॉक्टर वर्मा की शिकायत पर, साइबर थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। जांच में पता चला कि ठगी का मास्टरमाइंड लखनऊ में सक्रिय था। पुलिस ने लखनऊ में छापा मारा और 5 दिन की कड़ी मेहनत के बाद तीन ठगों अंकित जायसवाल, अभय शर्मा, और विवेक शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज, और बैंक खातों से जुड़े कई सबूत भी बरामद किए हैं।
डॉक्टर और नर्सिंग होम मालिक, सावधान रहें!
पुलिस जांच से पता चला है कि यह ठग गिरोह गूगल से डेटा चुराकर डॉक्टरों और नर्सिंग होम मालिकों को निशाना बनाता था। वे आयुष्मान योजना के बिल पास करने के नाम पर बड़ी रकम ऐंठते थे। इस घटना ने एक चेतावनी दी है- सभी डॉक्टरों और नर्सिंग होम मालिकों को साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की जरूरत है। अज्ञात नंबरों पर भरोसा करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करना बेहद जरूरी है।
आयुष्मान योजना से जुड़ी साइबर ठगी से कैसे बचें?
- किसी भी अनजान व्यक्ति या संस्था को अपने बैंक अकाउंट की जानकारी ना दें।
- आयुष्मान योजना से जुड़े सभी लेनदेन केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत चैनलों के माध्यम से करें।
- अगर आपको कोई संदिग्ध फोन कॉल या संदेश आता है, तो तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम सेल को सूचित करें।
- अपने बैंक खाते पर नज़र रखें और किसी भी अनधिकृत लेनदेन की सूचना तुरंत अपने बैंक को दें।
- गूगल पर उपलब्ध सारी जानकारी हमेशा सही नहीं होती है। धोखाधड़ी के शिकार न बनने के लिए सावधानी बरतें।
Take Away Points
यह घटना हमें याद दिलाती है कि साइबर क्राइम एक बढ़ता हुआ खतरा है और हमें अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति सजग रहना होगा। अपनी जानकारी की सुरक्षा, सतर्कता और सावधानी ही साइबर अपराधियों से बचाव का सबसे अच्छा तरीका है। यह मामला आपको अज्ञात नंबरों पर भरोसा नहीं करने और हमेशा आधिकारिक चैनलों का इस्तेमाल करने की याद दिलाता है।

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