आंध्र प्रदेश: रेत की कीमतों पर सियासी घमासान

आंध्र प्रदेश में रेत की कीमतें बढ़ने पर यशवंत जगनमोहन रेड्डी ने आरोप लगाए, तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सरकार पर हमला बोला। रेड्डी ने कहा कि तेलुगु देशम पार्टी ने रेत की कीमतों को नियंत्रण करने में नाकाम रही और इस काम में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है। रेड्डी ने यह भी आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी ने रेत की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए कानूनों का उल्लंघन किया और भ्रष्ट तरीकों का उपयोग किया। इस मामले में तेलुगु देशम पार्टी को कई प्रश्नों का सामना करना पड़ सकता है।

रेत की कीमतों को लेकर विवाद

YSR कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में रेत की कीमतों में वृद्धि पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की राज्य सरकार पर तीखी टिप्पणी की, यह कहते हुए कि रेत को मुफ्त में उपलब्ध कराने के वादे के बावजूद इसकी कीमतें आसमान छू रही हैं।

रेत की कीमतों में भारी वृद्धि

रेड्डी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी और इसके सहयोगियों ने राज्य में रेत की कीमतों को बढ़ाकर अपने फायदे के लिए इसका फायदा उठाया है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय तेलुगु देशम पार्टी ने मुफ्त रेत उपलब्ध कराने का वादा किया था, लेकिन वास्तविकता में ऐसा कुछ नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में रेत की कीमत प्रति ट्रक ₹20,000 से ₹60,000 तक पहुंच गई है।

ई-निविदा प्रक्रिया का उल्लंघन

रेड्डी ने आगे आरोप लगाया कि तेलुगु देशम पार्टी सरकार ने भ्रष्ट तरीकों से निविदाओं को जारी किया है, जिसके कारण रेत की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने बताया कि ई-निविदा प्रक्रिया के लिए केवल दो दिन का समय दिया गया था, जो त्योहार के समय के दौरान किया गया था। उनका दावा था कि यह पूरी प्रक्रिया नियमों के विपरीत थी।

YSRCP सरकार की पारदर्शिता

रेड्डी ने अपनी सरकार की रेत व्यवस्था में पारदर्शिता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि YSRCP सरकार ने ई-निविदा प्रक्रिया का पालन किया था, जिसमें ठेकेदारों को ₹475 प्रति टन रेत का भुगतान करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि राज्य को इस रॉयल्टी के रूप में ₹375 प्रति टन मिल रहा था, जो सालाना ₹750 करोड़ से अधिक का राजस्व उत्पन्न कर रहा था। रेड्डी ने कहा कि “राज्य सरकार में पारदर्शिता की कमी है। मुफ्त रेत देने के दावे के बावजूद, सरकार को कोई राजस्व नहीं हुआ है और रेत की कीमतें आसमान छू रही हैं।”

तेलुगु देशम पार्टी सरकार की आलोचना

रेड्डी ने चुनावों में लोगों से किए गए वादों को पूरा करने में तेलुगु देशम पार्टी सरकार की विफलता की आलोचना की। उन्होंने कहा कि सरकार पांच महीने की सत्ता में रहने के बाद भी पूरा बजट पेश करने में नाकाम रही और वोट-ऑन-अकाउंट बजट पेश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार में भ्रष्टाचार व्याप्त है, खासकर रेत, शराब, जुआ और खनन के क्षेत्रों में। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने अपने वादों की अनदेखी की है और घोटालों को बढ़ावा देकर राज्य की स्थिति को बदतर बना दिया है।

राज्य की दुर्दशा पर चिंता

रेड्डी ने तेलुगु देशम पार्टी सरकार के कार्यकाल में राज्य की दुर्दशा पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने रेत की कीमतों को नियंत्रित करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं, जिससे रेत की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। उन्होंने इस मामले में राज्य सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए और रेत के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की।

takeaways

  • YSRCP के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने आंध्र प्रदेश में रेत की कीमतों को लेकर तेलुगु देशम पार्टी (TDP) सरकार पर तीखा हमला बोला।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि TDP सरकार ने रेत के दाम बढ़ाकर मुनाफा कमाया है और ई-निविदा प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का इस्तेमाल किया है।
  • रेड्डी ने अपनी YSRCP सरकार द्वारा रेत के प्रबंधन में पारदर्शिता का दावा किया।
  • उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी सरकार के कार्यकाल में राज्य की दुर्दशा पर भी चिंता जताई और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग की।

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