19 फीसदी अभिवावक ही ऑनलाइन क्लास को मानते हैं जबकि 67 फीसदी अप्रैल से स्कूल खोलने के पक्ष में हैं

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नई दिल्ली। कोरोना काल से बंद शिक्षण संस्थानों को खोलने को लेकर छिड़ी चर्चा के बाद कुछ राज्यों में स्कूल खोलने के आदेश दे दिए गए हैं। कुछ अभिभावक अगले दो महीने में इस फैसले को लागू करने के पक्ष में हैं, तो कुछ ऐसे हैं जो सावधानी बरतते हुए इसके लिए जून या जुलाई का समय बेहतर मानते हैं। यह जानकारी लोकल सर्कल्स द्वारा किए गए एक सर्वे में सामने आई है। इसके मुताबिक, सिर्फ 19 फीसद अभिभावक ही ऑनलाइन क्लास को बेहतर मानते हैं, शेष को परंपरागत शिक्षण तरीकों पर ही भरोसा है। 24 राज्यों में हुए इस सर्वे के अनुसार ऑनलाइन शिक्षा को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी बाधाएं सामने आई हैं। आइए जानते हैं इस सर्वे में क्या बातें सामने आई हैं? ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर लोगों का अनुभव कैसा रहा?

32 फीसद को जुलाई का इंतजार

बीते साल 24 मार्च से लगे देशव्यापी लॉकडाउन के बाद से बच्चे ऑनलाइन क्लास के जरिए ही पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूलों को खोलने को लेकर तरह-तरह की चर्चा है, लेकिन ज्यादातर अभिभावक चाहते हैं कि अप्रैल से स्कूल खोल दिए जाएं। लोकल सर्कल्स द्वारा 24 राज्यों के 294 जिलों में किए सर्वे में सामने आया है कि 67 फीसद अभिभावक अगले दो महीनों में स्कूल खोलने के पक्ष में हैं जबकि 32 फीसद इस कदम को जून या जुलाई में उठाने के पक्षधर हैं।

79 फीसद को परंपरागत शिक्षण पसंद

सर्वे के मुताबिक,ऑनलाइन शिक्षा को लेकर तमाम बाधाएं सामने आईं। ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट संबंधी समस्याएं थीं, तो कुछ स्कूलों में नियमित वीडियो क्लास कराई ही नहीं जा सकी। कहीं ऑडियो से काम चलाया गया तो कई बार बच्चों ने क्लास का समय दोस्तों के साथ चैटिंग में बिताया। इसी के चलते सिर्फ 19 फीसद अभिभावकों ने ही ऑनलाइन क्लास को बेहतर बताया है, जबकि बाकी का विश्वास परंपरागत तरीकों पर रहा।

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