हिमाचल की नदियों में महामारी के बीच हजारों लोगों ने लगाई पवित्र डुबकी

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शिमला। अत्यधिक ठंड और महामारी के बीच गुरुवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में हजारों लोगों ने सूर्य देवता के पर्व मकर संक्रांति के मौके पर नदियों में पवित्र डुबकी लगाई। अधिकारियों ने बताया कि सुबह से ही राज्य की राजधानी से 55 किलोमीटर दूर तट्टापानी और मणिकरण में सतलुज और पार्वती नदियों में स्नान करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा हुए। तट्टापानी और मणिकरण को उच्च सल्फर सांद्रता वाले गर्म पानी के झरनों के लिए जाना जाता है।

इस बार कोरोनावायरस महामारी के कारण इस खास मौके के लिए विशेष सावधानी बरती गई। एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि सामुदायिक रसोईघरों पर रोक लगाई गई है।

शिमला निवासी मोहित सूद ने बताया, “इस बार महामारी के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ काफी कम है। वरना आम तौर पर तट्टापानी में मकर संक्रांति पर 25 हजार से ज्यादा भक्त पवित्र गर्म पानी के झरनों पर पवित्र स्नान और प्रार्थना करते हैं।” सूद का परिवार कई सालों से तट्टापानी में मकर संक्रांति पर पारंपरिक ‘खिचड़ी भंडारा’ का आयोजन करता रहा है। 92 साल में पहली बार उन्हें इस बार इस परंपरा को रोकना पड़ा।

पिछले साल पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग और सूद के परिवार के स्वामित्व वाले दुर्गा देवी बिहारी लाल ब्रोचन लाल चैरिटेबल ट्रस्ट ने मकर संक्रांति पर एक बर्तन में 1,995 किलोग्राम ‘खिचड़ी’ बनाकर गिनीज वल्र्ड रिकॉर्ड बनाया था।

भक्तगण लोकप्रिय पर्यटन स्थल मनाली के बाहरी इलाके में स्थित वशिष्ठ मंदिर भी पहुंचे। मंदिर ब्यास नदी के बाएं किनारे पर स्थित है, जो अपने गर्म झरनों के लिए भी जाना जाता है।

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