हरियाणा श्रवण एवं वाणी दिव्यांगजन कल्याण समिति की राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने ली वार्षिक बैठक

हरियाणा श्रवण एवं वाणी दिव्यांगजन कल्याण समिति की राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने ली वार्षिक बैठक

चण्डीगढ़। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य ने जिला उपायुक्तों से कहा है कि वे सम्बन्धित जिलों में 0 से 3 आयु वर्ग के पांच-पांच श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चों की पहचान करें ताकि उन्हें जिला प्रशासन द्वारा सम्बन्धित विभागों के सहयोग से अरली इन्टरवेन्शन केन्द्रों पर स्पीच थैरेपी साइन लैंग्वेज की सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। आर्य मंगलवार को राजभवन में आयोजित हरियाणा श्रवण एवं वाणी दिव्यांगजन कल्याण समिति की वार्षिक बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।

उन्होनें कहा कि जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए इस कार्यक्रम के तहत 0 से 3 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को तो स्पीच थैरेपी दी ही जाएगी साथ ही साथ उनके माता-पिता को भी साइन लैंग्वेज का ज्ञान करवाया जाएगा। प्रदेश में 6 वर्ष तक के श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चों को उन्ही की भाषा में शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए 10 स्पेशल प्ले स्कूल भी खोले जाएंगे। इसके साथ-साथ 10 अन्य सामान्य स्कूल जिनमें श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चे होंगे उनमें डीफ अध्यापक व संकेतिक भाषा के दुभाषिए अध्यापक नियुक्त किए जाएगें। उन्होनें 0 से 3 आयु वर्ग के ज्यादा से ज्यादा बच्चों पहचान करने वाले जिला आयुक्तों को विशेष अवार्ड देने की बात कही।

आर्य ने कहा कि श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार बेहद संवेदनशील है और इनकी शिक्षा के लिए सरकार निंरतर कार्य कर रही है। उन्होंने समिति के पदाधिकारियों से कहा कि वे वरिष्ठ माध्यमिक स्तर से ऊपर शिक्षा प्राप्त करने वाले बच्चों की पहचान कर उन्हें उचित अवसर मुहैया करवाएं। ऐसे बच्चों को करनाल स्थित डीफ काॅलेज में लेकर आएं। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से यह भी कहा कि वे ऐसे बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रदेश के किसी विश्वविद्यालय में शिक्षा की सुविधा उपलब्ध करवाएं।

उन्होंने कहा कि श्रवण एवं वाणी बाधित बच्चों को सुविधाएं जुटाना हम सबकी जिम्मेदारी भी है। दिव्यांग बच्चों को जरूरत अनुसार सुविधाएं मिले तो ये बच्चे भी खेल, शिक्षा व अन्य सेवाओं के क्षेत्र में देश का नाम रोशन कर सकते हैं, ऐसा इन बच्चों ने करके दिखाया है विगत वर्षों में संस्थाओं के 1238 बच्चों ने अन्तर्राष्ट्रीय व राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में पदक हासिल किए हैं।
आर्य ने कार्यकारिणी के सभी सदस्यों से अपील की है वे श्रवण एवं वाणी निशक्तजन समिति से ज्यादा से ज्यादा प्रबुद्ध व समृद्ध लोगों को जोड़ें। सभी पदाधिकारी यह भी पता लगाएं कि कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सी.एस.आर) के तहत फंडिंग और ग्रांट किन-किन स्त्रोतों से प्राप्त की जा सकती है। सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संगठनों से आर्थिक सहायता जुटाने का प्रयास करें।

उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने दिव्यांगजनों से सम्बन्धित योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया है। सरकार द्वारा राज्य में दिव्यांगों को सर्वाधिक पेंशन दी जा रही है। इसके साथ-साथ 18 वर्ष तक के स्कूल न जा सकने वाले निशक्त बच्चों को प्रदेश में पहली जनवरी से 1650 रूपए मासिक वित्तीय सहायता दी रही है।

राज्यपाल ने इस बैठक में श्रवण, वाणी निशक्तजन कल्याण समिति के तहत विशेष कार्य करने वाले अधिकारियों व कॉरपोरेट जगत से जुड़े अन्य गणमान्य व्यक्तियों को पुरस्कृत किया। पुरस्कृत होने वाले पदाधिकारियों में एक दर्जन से भी अधिक उपायुक्त थे। प्रधान सचिव नीरजा शेखर को विशेष कार्यों की बदौलत पुरस्कृत किया गया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने कहा कि सभी विभाग श्रवण, वाणी बाधित बच्चों को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए कार्य करेंगे। बैठक में हरियाणा श्रवण एवं वाणी दिव्यांगजन कल्याण समिति की अध्यक्ष शरणजीत कौर ने समिति की गतिविधियों पर प्रकाश डाला और विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि समिति चैरिटी माॅडल नहीं बल्कि डिगनिटी माॅडल पर कार्य करेगी। बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव राजीव अरोड़ा, टी.सी.गुप्ता, राज्यपाल की सचिव डाॅ. जी.अनुपमा, राज्यपाल के सलाहकार अखिलेश कुमार, प्रधान सचिव नीरजा शेखर, अंकुर गुप्ता सहित विभिन्न जिलों के उपायुक्त उपस्थित थे।

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