चंडीगढ़। हरियाणा में पहला मदर मिल्क बैंक रोहतक की पीजीआई में स्थापित किया जाएगा। इस संबंध में न्यूनोटोलॉजी विभाग की तरफ से हेल्थ यूनिवर्सिटी के सामने प्रस्ताव रखा गया है। यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. ओ.पी. कालरा ने इस प्रस्ताव का संज्ञान लेते हुए इसके लिए जगह तय करने के लिए कहा है।
मदर मिल्क बैंक की स्थापना के बाद ढाई किलो से कम वजन के शिशुओं को मां का दूध उपलब्ध करवाया जा सकेगा। उम्मीद की जा रही है कि मिल्क बैंक इसी साल से शुरु हो जाएगा। न्यूनोटोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत दलाल के मुताबिक मिल्क बैंक स्थापित होने के बाद प्री-मेच्योर शिशुओं को मां के दूध से वंचित नहीं होना पड़ेगा। इस मिल्क बैंक से प्री-मेच्योर शिशुओं को डायरिया और बुखार से भी बचाया जा सकेगा।
जन्म के समय कई बच्चों की आंत कमजोर होती हैं, ऐसे बच्चों को भी मिल्क बैंक का दूध पचाने में किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आएगी। यह बैंक 24 घंटे चलेगा और कोई भी मां यहां आकर अपना दूध दान कर सकेगी। दूध लेने के लिए आधुनिक मशीनें लगेंगी। इसे माइनस 20 डिग्री पर रखा जाएगा। इससे यह दूध छह महीने तक सुरक्षित रह सकेगा।
मदर मिल्क बैंक के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की तरफ से धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। इसके संचालन के लिए मेडिकल कॉलेज में स्त्री रोग विशेषज्ञ, माइक्रोबायोलॉजी, पैथोलॉजी और शिशु रोग विशेषज्ञ सहित तकनीशियनों और नर्सों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
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