सात हजार से अधिक गंगासागर तीर्थयात्रियों का कोरोना काल में नि:शुल्क इलाज किया

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कोलकाता। मानव सेवा को वे परम धर्म मानते हैं और इस ध्येय के साथ हर साल कोलकाता के आउट्राम घाट पर आकर ठहरने वाले गंगासागर तीर्थयात्रियों की सेवा में पूरे समर्पण भाव से जुटे रहते हैं। संयुक्त नेपाली केंद्रीय सेवा संघ के पदाधिकारियों से लेकर सदस्य-सदस्याओं तक की सेवा भावना वाकई प्रशंसनीय है। इस बार कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए जहां कई संस्थाओं ने अपने सेवा शिविर नहीं लगाए, वहीं संयुक्त नेपाली केंद्रीय सेवा संघ अपना दायित्व नहीं भूला और गंगासागर जाने वाले तीर्थयात्रियों की सेवा में तन-मन-धन से लगा रहा।

संस्था के अध्यक्ष गुंज दास श्रेष्ठ ने बताया-‘हमारे निःशुल्क चिकित्सा शिविर का यह 32वां साल था, जो 10 से 16 जनवरी तक चला। इस दौरान हमने सात हजार से अधिक तीर्थयात्रियों का इलाज किया। हमारी दो डॉक्टरों और चार नर्स की टीम थी। इसके साथ ही हमने गंभीर हालत वाले मरीजों को अस्पताल पहुंचाने कै लिए दो एंबुलेंस की भी व्यवस्था की थी। हमारे चिकित्सा शिविर में आठ बेड की व्यवस्था थी।’

उन्होंने आगे कहा-‘कोरोना महामारी को देखते हुए हमने पूरी व्यवस्था के साथ चिकित्सा शिविर लगाया था और इसे लेकर सरकार की तरफ से जारी समस्त दिशानिर्देशों का अक्षरशः पालन किया। हमने आउट्राम घाट में आकर ठहरे तीर्थयात्रियों में मास्क और सैनिटाइजर भी बांटे। हमारे चिकित्सा शिविर को नियमित रूप से सैनिटाइज भी किया जाता था।’ कोलकाता में नेपाल के महा वाणिज्यदूत ईश्वर राज पौड़ेल ने चिकित्सा शिविर का उद्घाटन किया था।

उद्घाटन समारोह में कर्नल महेश सिंह गुरुंग विशेष अतिथि के तौर पर उपस्थित थे। चिकित्सा शिविर के सफल आयोजन में संस्था के महासचिव राम प्रसाद उपाध्याय, प्रधान सलाहकार नरविक्रम थापा, आयोजन समिति के अध्यक्ष खिमराज बराल, सचिव राम बहादुर कार्की, संयुक्त कोषाध्यक्ष हित बहादुर खड़का व चंद्र बहादुर श्रेष्ठ के अलावा सदस्यगण केशव अधिकारी छेत्री, बाबूराम शर्मा, बद्री विक्रम थापा, नेत्र बहादुर छेत्री, डंबर बहादुर श्रेष्ठ, राजू प्रधान, माइला राई, चूड़ामणि महत, मोहन सिंह, राजू पोखरैल, धन बहादुर भूसाल व जगत प्रसाद श्रेष्ठ की अहम भूमिका रही। महिला सदस्याओं में गंगा बुद्धा, रमा शर्मा पौड़ेल, रमिता कार्की, गीता शर्मा, रीता शर्मा, पद्मा गुरुंग, गीता श्रेष्ठ और संतोषी सिंह का उल्लेखनीय योगदान रहा।

 

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