जयपुर । प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग के शासन सचिव के.के.पाठक ने कहा है कि सशक्तीकरण के लिए महिलाओं को शिक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढाने होंगे क्योंकि जब एक महिला पढती तो उसका पूरा परिवार श्ििक्षत होता है।
पाठक महिला एवं बाल विकास जयपुर की ओर से अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर शास्त्रीनगर स्थित साइंस पार्क में आईआईआरएचएम के सहयोग से आयोजित माता यशोदा पुरस्कार सम्मान समारोह में सहायिका, आशासहयोगिनी एवं कार्यकर्ताओं कों सम्बोधित कर रहे थे। पाठक ने कहा कि महिला सदैव से ही परिवार की धुरी रही है और मां, पत्नी, बेटी जैसे विविध रूपों में उसने परिवार के लिए अपनी भूमिका को बखूबी निभाया है। लेकिन इसके बावजूद आज भी हम बालिकाओं के गिरते लिंगानुपात के बारे मेंं विचार करने को मजबूर हैं, उनकी सुरक्षा के बारे में विचार करने पर मजबूर हैं, यह स्थिति बदलनी होगा। पाठक ने इसमें सभी मानदेयकर्मियों का सहयोग मांगा।
जिला परिषद् की मुख्य कार्यकारी अधिकारी भारती दीक्षित ने कहा कि आज महिलाएं घर एवं बाहर हर जगह अपनी प्रतिभा और मेहतनत से स्वयं को सिद्ध कर रही हैंं। बराबर मेहनत करने के बावजूद घर एवं समाज में उसके योगदान को कमतर आंका जाता है, इस स्थिति में बदलाव लाने की जरूरत है। इसका एक ही तरीका है कि हर महिला स्वयं में सशक्त बने। समारोह में माता यशोदा पुरस्कार से सम्मानित मानदेयकर्मियों को प्रशस्तिपत्र एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारियों को उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। समारोह के अन्त में उषा शर्मा, उप निदेशक, जयपुर ने सभी आगंतुकों का धन्यवाद दिया।
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