विवादित संत रामपाल दोषी करार, हिसार में सुरक्षा कड़ी, जानिये पूरी स्टोरी

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जिले के बरवाला के सतलोक आश्रम संचालक रामपाल पर चार साल बाद हत्या के केस में हिसार की विशेष अदालत में फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने हत्‍या के दो मामले में रामपाल दोषी क़रार दिया। अदालत सजा का एेलान 16 या 17 अक्‍टूबर को करेगी।

हिसार । मामला 2014 का है जब रामपाल के आश्रम में भड़की हिंसा में 7 लोगों की मौत हुई थी जिसमें 5 महिलाएं और 1 बच्चा भी शामिल था। फैसले के बाद रामपाल के समर्थकों द्वारा उपद्रव होने की आशंका के चलते जेल के ही अंदर विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए रामपाल की पेशी हुई।

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विवादित संत रामपाल को हत्या के दोनों मामले में कोर्ट ने दोषी करार

इस फैसले को देखते हुए गुरुवार सुबह से ही पूरे हिसार में कड़े सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। बुधवार को ही जिले में धारा-144 लगा दी गई थी। साथ ही यहां की सभी सीमाएं सील कर दी गई थीं।

करीब 2000 सुरक्षा बलों की नियुक्ति की गई। कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने और रामपाल के समर्थकों की भीड़ का हिसार शहर में प्रवेश रोकने के लिए 48 पुलिस नाके लगाए गए थे।

शहर में कई जगह रूट डायवर्जन भी हुआ। बता दें कि 18 नवंबर 2014 को सतलोक आश्रम के संचालक रामपाल को बरवाला स्थित उसके आश्रम से बाहर निकालने के लिए पुलिस ने अभियान चलाया था।

कार्रवाई के पहले दिन काफी लोग घायल हुए, लेकिन रामपाल के समर्थक डटे रहे। रामपाल के बाहर निकलने तक काफी हिंसा हुई और इस दौरान पांच महिलाओं समेत एक बच्चे की मौत हुई थी। पुलिस ने हिंसा के एक मामले में रामपाल के अलावा 15 लोगों पर और एक अन्य मामले में रामपाल समेत 14 लोगों पर केस दर्ज किया था। प्रशासन ने फैसले को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।

ऐसे में ये समर्थक किसी तरह की कानून व्यवस्था न बिगाड़ पाएं, इसके लिए तैयारियां कर ली गई हैं। जिले से 1300 पुलिसकर्मी और बाहरी जिलों से 700 जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। अन्य जिलों के एसपी और डीएसपी की ड्यूटी भी हिसार में लगाई गई है। इनके अलावा आरएएफ की पांच कंपनियों को हिसार बुलाया गया है।

 

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