लगातार बारिश से महानदी उफान पर, रामायण काल से पानी से जुड़ा है ऐतिहासिक शहर

जांजगीर छत्तीसगढ़ में पिछले एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य के नदी- नाले उफान पर हैं और यहां की सबसे बड़ी नदी महानदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। महानदी में बाढ़ की वजह से जांजगीर जिले में स्थित रामायण काल से जुड़ी ऐतिहासिक नगरी शिवरीनारायण शहर पूरी तरह से टापू में बदल गया है। यहां महानदी के बाढ़ का पानी घुस आया है और चारों तरफ सिर्फ पानी ही पानी नजर आ रहा है।

लगातार बारिश से महानदी उफान पर, रामायण काल से पानी से जुड़ा है ऐतिहासिक शहर
छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश के कारण महानदी में बाढ़ की वजह से जांजगीर जिले में स्थित रामायण काल से जुड़ी ऐतिहासिक नगरी शिवरीनारायण शहर पूरी तरह से टापू में बदल गया है।

शनिवार को बारिश बंद होने के बाद भी शहर में करीब चार फीट तक पानी भरा रहा। शहर के ऊपरी इलाके में भी पूरी तरह से पानी भरा हुआ है। यहां राहत और बचाव का कार्य जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है। लोग बाढ़ से खुद को बचाने के लिए जरूरी सामान और मवेशियों के साथ अन्य इलाकों की ओर जा रहे हैं।

प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पहुंचाया जा रहा

बता दें कि बाढ़ का पानी शिवरीनारायण के करीब आधा दर्जन वार्डों के घरों में घुस चुका है। यहां के मेला मैदान और इससे लगे मोहल्लों में पूरी तरह से पानी भरा हुआ है। इस बीच नगर पंचायत, पुलिस और बाढ़ आपदा प्रबंधन के कर्मचारी  राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।

महानदी और उसकी सभी सहायक नदियों का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर

बाढ़ के कारण नदी तट पर रहने वाले कई परिवारों को अपना घर छोड़कर ऊपरी इलाके में आश्रय लेना पड़ा है। बता दें कि पिछले तीन दिनों तक रायपुर और बिलासपुर संभाग में भारी बारिश होती रही है। इसके कारण राज्य की सबसे बड़ी महानदी और उसकी सभी सहायक नदियों का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बिलासपुर में इस सीजन में अब तक 1145 मिमी से अधिक बारिश हो चुकी है और अभी भी बारिश का दौर जारी है।बता दें कि बाढ़ का पानी शिवरीनारायण के करीब आधा दर्जन वार्डों के घरों में घुस चुका है। यहां के मेला मैदान और इससे लगे मोहल्लों में पूरी तरह से पानी भरा हुआ है। इस बीच नगर पंचायत, पुलिस और बाढ़ आपदा प्रबंधन के कर्मचारी  राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। बाढ़ से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है।

 

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