देहरादून। मानसून का सीजन सितंबर में विदा हो चुका है, लेकिन इसकी बेरुखी का असर अब तक है। दिसंबर में भी तापमान कुलांचे भर रहा है। वातावरण में नमी न होने के कारण उत्तराखंड में अब तक तापमान में गिरावट नहीं आई है। जबकि, सामान्यत: दिसंबर के प्रथम पखवाड़े में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच जाता है, लेकिन इस बार अभी तक ज्यादातर शहरों का अधिकतम तापमान सामान्य से तीन से पांच डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान सामान्य से दो से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, तापमान चढ़ने का एक कारण पश्चिमी विक्षोभ की कम सक्रियता भी है।
दिसंबर आधा बीतने को है और चंद दिनों में पूस का महीना शुरू हो जाएगा, जिसमें कड़ाके की ठंड हाड़ कंपा देती है, लेकिन इस बार मौसम के बदले रंग विशेषज्ञों को भी हैरान कर रहे हैं। दरअसल, मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक बिक्रम सिंह के मुताबिक उत्तराखंड से इस बार मानसून समय से पहले लौट गया। वहीं, पूरे सीजन में बारिश भी 20 फीसद कम हुई।
इस दौरान कुछ ऐसे भी जिले रहे, जहां सामान्य से 40 फीसद कम बारिश रिकॉर्ड की गई। यही वहज रही कि अक्टूबर से ही वातावरण और भूमि में नमी कम रही। अब दिसंबर में भी मौसम शुष्क बना हुआ है, जिससे तापमान में खासा इजाफा हुआ। इसके अलावा हिमालय की ओर पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता भी कम रही। यही वजह है कि इस साल दिसंबर बीते चार सालों के मुकाबले ज्यादा गरम है।
दून में दिसंबर में सर्वाधिक तापमान
वर्ष, दिनांक, अधिकतम तापमान
2020, 10, 27.8
2019, 06, 26.4
2018, 15, 25.5
2017, 08, 26.7
2016, 11, 29.2
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