अहमदाबाद। सॉफ्ट हिंदुत्व के सहारे गुजरात विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी दल भाजपा को कड़ी टक्कर देने के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस राज्य में पहुंचे तो सोमनाथ मंदिर में दर्शन किया। पूजा का थाल कंधे पर उठाए राहुल मंदिर पहुंचे, वहां जलाभिषेक के साथ पूजा अर्चना की। चुनाव में मंदिरों में जाने का लाभ पार्टी को मिला है। प्रदेश के दो दर्जन बड़े तीर्थस्थानों में 16 पर कांग्रेस को और छह पर भाजपा को आशीर्वाद मिला है।
विधानसभा चुनाव में हार पर मंथन के साथ कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुजरात में लोकसभा चुनाव की तैयारी भी शुरू कर दी है। अहमदाबाद में पार्टी के प्रत्याशियों, पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर राहुल विधानसभा चुनाव में हुई हार की समीक्षा करेंगे। माना जा रहा है कि चुनाव में हार के बावजूद कांग्रेस अपनी इस टीम में बड़ा फेरबदल नहीं करेगी। अध्यक्ष पद पर भरतसिंह सोलंकी बने रहेंगे, लेकिन अगले वर्ष राजस्थान में चुनाव के चलते प्रभारी के रूप में अशोक गहलोत के बने रहने पर संदेह है। नेता विपक्ष पर भी इस बैठक में फैसला हो सकता है। इस पद के लिए विधायक परेश धनानी, मोहनसिंह राठवा, विक्रम माडम प्रमुख दावेदार हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार गुजरात आए राहुल सीधे सोमनाथ मंदिर दर्शन करने पहुंचे। कांग्रेस को लगता है कि अब गुजरात की राजनीति की चाबी उसके हाथ लग गई है। विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल बडे़ व छोटे 27 तीर्थस्थानों पर गए, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पांच मंदिरों में दर्शन किया।
प्रमुख तीर्थसथल सोमनाथ में कांग्रेस को, जबकि द्वारका में भाजपा को सफलता मिली। गांधीनगर में भी परिणाम 50-50 रहा। कडवा पाटीदारों की कुलदेवी मां उमिया वाले क्षेत्र ऊंझा में कांग्रेस, जबकि लेउवा पाटीदारों की कुलदेवी मां खोडलधाम के क्षेत्र जेतपुर में भाजपा ने जीत दर्ज की।
Leave a Reply