राशन की कालाबाजारी करने वाले जेल जाएंगे – सीएम शिवराज सिंह चौहान

राशन की कालाबाजारी करने वाले जेल जाएंगे – सीएम शिवराज सिंह चौहान

ग्वालियर। मध्य प्रदेश में शासकीय उचित मूल्य की दुकानों के राशन की कालाबाजारी करने वाले जेल जाएंगे। यह बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कही है। आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी में बताया गया है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार की देर शाम राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ ग्वालियर एवं चंबल संभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक लेकर विद्युत व्यवस्था, राशन वितरण एवं अन्य जनहितैशी योजनाओं की समीक्षा की।

इस बैठक के दौरान मुख्यमंत्री चौहान ने जोर देकर कहा कि शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से सभी पात्र उपभोक्ताओं को समय से और पूरा खाद्यान्न मिले। राशन की कालाबाजारी को सख्ती से रोकें। कालाबाजारी करने वालों को जेल भेजने की कार्रवाई की जाए। गरीबों का राशन अन्य कोई खा जाए, यह कदापि बर्दाश्त नहीं होगा।

मुख्यमंत्री चौहान ने राशन वितरण में अनियमितताओं संबंधी शिकायतों की जाँच कर उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए कहा कि आगामी एक सितम्बर से प्रदेश में राशन वितरण के संबंध में विशेष अभियान चलाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने विद्युत व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कहा कि जले हुए एवं खराब ट्रांसफोर्मर युद्घ स्तर पर बदले जाएं। साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि ट्रांसफोर्मर पूरी क्षमता के हों, जिससे दुबारा ट्रांसफोर्मर खराब होने की नौबत न आए। इसमें किसी भी प्रकार की ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं होगी। इसके साथ ही बिजली के अनाप-शनाप अर्थात गैर वाजिब बिल कदापि न आएं। किसी भी हालत में ऐसी स्थिति सहन नहीं होगी। संबल योजना के हितग्राहियों की बिजली बिल संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि विद्युत ट्रांसफोर्मर बदलने की कार्रवाई पर निगरानी रखने के लिये ट्रांसफोर्मर रिप्लेसमेंट टीम गठित की जाएगी। इसके साथ ही रेत के अवैध उत्खनन को सख्ती से रोकने के निर्देश भी बैठक में दिए। सरकार के खजाने में पैसा जमा करने वाले ठेकेदारों को स्वीकृत जगह पर ही रेत का उत्खनन करने दिया जाए। अवैध उत्खनन किसी भी हालत में न हो। इसमें किसी भी प्रकार की ढ़िलाई अक्षम्य होगी।

राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी अधिकारियों से कहा कि अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो। कार्रवाई ऐसी हो, जिससे जनता में साफ संदेश पहुंचे कि सरकार अवैध रेत खनन को रोकने के लिये पूरी तरह कटिबद्घ है। जीरो टॉलरेंस के सिद्घांत के आधार पर रेत का अवैध उत्खनन रोकने के लिये कार्रवाई की जाए।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *