राजस्थान: कोर्ट ने दोनों दोषियों को सुनाई मां-बेटी दुष्कर्म लूट-हत्या के मामले में फांसी की सजा

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जयपुर। कोटा के भीमगंजमंडी का दिल दहलाने वाले मां-बेटी दुष्कर्म-लूट-हत्या के मामले में काेर्ट ने नाैकर सहित दाे आराेपियाें काे दाेषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई। साथ ही दाेनाें पर 80-80 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। विद्वान न्यायाधीश अजय कुमार शर्मा ने अपने निर्णय में कड़ी टिप्पणी करते हुए लिखा कि यह मामला समाज की सामूहिक चेतना से संबंधित है। आरोपियों द्वारा अपराध तब किया गया जब दो स्त्रियां अपने घर में अकेली थीं। आरोपियों ने फरियादी के घर में रखी संपत्ति लूटी, बल्कि फरियादी की पोती से दुष्कर्म कर दोनों महिलाओं की हत्या कर दी।

न्यायाधीश ने कहा कि यह अपराध व्यक्तिगत अपराध नहीं है, बल्कि ऐसे स्थान एवं इस प्रकृति से किया गया था जो कि पूरे समाज के लिए खतरा था। ऐसे दरिंदों को समाज कभी भी अपने बीच नहीं देखना चाहता और विधि का यह कर्तव्य है कि समाज के न्याय के लिए पुकार को सुना जाए। न्यायाधीश ने फैसले में आगे लिखा कि हमारे मत में आरोपियों द्वारा किया गया कृत्य जघन्य श्रेणी का है, यदि आरोपियों को मृत्युदंड के अलावा और कोई भी सजा दी जाती है तो वह समाज के लिए गंभीर खतरा होगा।

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