महाराष्ट्र: बाल मजदूरी के लिए लाए जा रहे 18 बच्चे छुड़ाए

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ठाणेबाल मजदूरी के लिए बिहार और नेपाल से मुंबई लाए जा रहे 18 नाबालिगों को ठाणे स्टेशन पर सामाजिक कार्यकर्ताओं की मदद से रेलवे पुलिस ने छुड़ाया। बच्चों से मुंबई के नागपाडा स्थित चमड़ा उद्योग से जुड़े कई कारखाने में मजदूरी कराई जानी थी। सामाजिक संस्था प्रथम को जानकारी मिली थी कि नेपाल और बिहार से बच्चों को चमड़ा उद्योग से जुड़े कारखाने में काम करवाने के लिए लाया जा रहा है। सूचना पर प्रथम संस्था और सलाम बालक एनजीओ ने ठाणे रेलवे पुलिस की मदद से स्टेशन पर जाल बिछाया।

ठाणे स्टेशन पर सुबह पहुंची कर्मभूमि एक्सप्रेस में पुलिस के साथ संस्था के कार्यकर्ता दाखिल हुए और उन्होंने खोजबीन कर करीब 29 बच्चों को ठाणे में उतारा और सभी को ठाणे रेलवे पुलिस कार्यालय ले गए। जांच में 18 बच्चों की उम्र 14 वर्ष से कम पाई गई।

प्रथम के नवनाथ कांबले के अनुसार, इस समय बिहार और नेपाल में स्कूलों की छुट्टी चल रही है। जून में स्कूल खुलने पर स्कूल बैग की डिमांड खूब रहती है। ऐसे में चमड़ा और रेगजीन उद्योग से जुड़े कारखानों में काम करने के लिए अधिक मजदूरों की जरूरत रहती है। कम रुपये में बाल कामगार अधिक मेहनत करते हैं। छुड़ाए गए नाबालिगों को भिवंडी और उल्हासनगर स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

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