संवाददाता-विवेक चौबे
गढ़वा : घोर कलयुग आ गया है। सोंचने पर भीतर तक झकझोर देता है। बड़े ही श्रद्धा से लोग अपनी मन्नत की पूर्ती के लिए लोग मंदिर में जाते हैं। भगवान की पूजन-अर्चना किया करते हैं। वहीं अगर मंदिर से मूर्ति चोरी हो जाए तो उन भक्तों व श्रद्धालुओं का क्या होगा,जिनका स्नेह व श्रद्धा उस मंदिर व उस भगवान में है। घटना है,कांडी थाना क्षेत्र अंतर्गत सरकोनी पंचायत के सेमोरा गांव की। बता दें कि उक्त गांव स्थित राधा-कृष्ण का मंदिर वर्षों से है। खाश बात तो यह कि मंदिर में स्थापित मूर्ति अष्ट धातु से निर्मित है। हालाकि मंदिर के ग्रिल में ताला बंद भी है,लेकिन राधा-कृष्ण की मूर्ति गायब है। इससे प्रमाणित होता है कि अज्ञात चोरों ने घटना को अंजाम फुर्सत से देकर,कीमती मूर्ति ले उड़े। उक्त घटना रविवार की रात्रि की है। विशेष बात तो यह कि यहां की प्रशाशन बिल्कुल सुस्त है।
आपने खरौंधा गांव स्थित मंदिर की मूर्ति की भी चोरी की खबर सुनी या अखबार में पढ़ी होगी। उक्त मंदिर में स्थापित मूर्ति भी अष्टधातु से ही निर्मित थी। वहां की मूर्ति भी चोरी कर ली गयी थी,लेकिन प्रशाशन के द्वारा ऐसा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया,ना ही चोरों का आता पाता तक चल सका। चोरों को गिरफ्तार करना तो दूर की बात है। प्रशाशन गम्भीर होकर अब तक खरौंधा में स्थापित की गई मूर्ति की चोरी का उद्भेदन नहीं कर सकी। इस संबंध में मुखिया संघ अध्यक्ष सह पंचायत मुखिया मीना देवी ने आक्रोश व्यक्त किया है। कहा की कांडी पुलिस नाकामयाब रही है पूर्व मंदिर की मूर्ति की चोरी की गई चोरों को पकड़ने में। पुनः ऐसी वारदात सामने आई। उन्होंने बताया कि खरौंधा गांव स्थित मंदिर की मूर्ति की चोरी का उदभेदन नही होना ही सेमोरा गांव स्थित राधा-कृष्ण की मूर्ति भी चोरी का कारण बना। उन्होंने बताया कि खरौंधा मूर्ति चोरी के पश्चात ही सेमोरा व गरदहा मंदिर की सुरक्षा बढ़ाने की आवाज अखबार व टीवी के माध्यम से मैंने लगाई थी। पुनः प्रसाशन से आग्रह किया है कि पूर्व व वर्तमान चोरी के उदभेदन करते हुए, चोरी हुई मूर्ति को चौबीस घण्टे के भीतर खोज निकाला जाए। यदि चौबीस घंटा मे मूर्ति नही मिलती है तो मंदिर के समक्ष धरने पर बैठने पर विवश होउंगी।
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