बिहार में बाढ़ और बारिश के कहर से 17 लोगों की अब तक मौत हो चुकी है। रेल और आवागमन की अन्य सुविधाएं बाधित हैं। राजधानी पटना का हाल और बुरा है। सड़कें पानी से लबालब हैं। कॉलोनियां डूबी हुई हैं। यहां तक कि मंत्रियों और नेताओं के बंगलों तक में पानी भरा हुआ है। उधर, बारिश से बेहाल बिहार की स्थिति पर पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए सूबे के मुखिया नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसी स्थिति किसी के हाथ में नहीं है। यह प्राकृतिक चीज है और हम स्थिति को बेहतर करने की कोशिश में जुटे हैं।
15 जिलों में रेड अलर्ट, स्कूल-कॉलेज बंद
दरअसल, लगातार जारी बारिश के कारण गंगा-गंडक जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राज्य के 15 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है, साथ ही स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं। उधर, राजधानी पटना के कई इलाके डूब गए हैं। सड़कें तालाब बन गई हैं। मंत्रियों और विधायकों के बंगलों तक में पानी घुस गया है।
‘लगातार बढ़ रहा गंगा का पानी’
इस हालात पर प्रतिक्रिया देते हुए नीतीश कुमार ने कहा, ‘शनिवार से कुछ क्षेत्रों में भारी वर्षा हुई है और गंगा नदी में पानी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि इससे निपटने के लिए उचित व्यवस्थाएं हैं और प्रशासन मौके पर है और लोगों की मदद करने के लिए सभी प्रयास कर रहा है।’
नीतीश ने आगे कहा, ‘ऐसी स्थिति किसी के हाथ में नहीं है। यह प्राकृतिक है। सभी को पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई की व्यवस्था की जा रही है।’
आपदा प्रबंधन को निर्देश, कई ट्रेनें रद्द
इससे पहले सीएम नीतीश कुमार ने आपदा प्रबंधन विभाग को तैयार रहने के निर्देश दिए। मौसम विभाग के मुताबिक बारिश की स्थिति से सूबे में तीन अक्टूबर तक स्थिति सामान्य हो पाएगी। उधर, भारी बारिश के कारण बिहार में जहां कई ट्रेनें निरस्त हैं। वहीं, कुछ रेलमार्गों पर रूट डायवर्जन करना पड़ा है। कई ट्रेनों को पटना के बजाए गया रूट से चलाया जा रहा है। पटना रेलवे स्टेशन पर भारी बारिश के चलते रेलवे ट्रैक डूब गया है जिससे दिल्ली से बिहार और बंगाल जाने वाली पटना रूट की ट्रेनों को गया रूट से चलाया जा रहा है।
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