जयपुर । राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पीकर द्वारा कांग्रेस के 19 बागी विधायकों को भेजे गए अयोग्यता नोटिस मामले में शुक्रवार को यथास्थिति बरकरार रखने का निर्देश दिया और यहां तक कि अदालत में चल रहे मामले में विधायक पृथ्वीराज मीणा की उस याचिका को स्वीकार कर लिया, जिसमें उन्होंने केंद्र को पक्षकार बनाने की मांग की थी। पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और 18 अन्य पार्टी विधायकों ने राजस्थान विधानसभा के स्पीकर सीपी जोशी द्वारा अयोग्य ठहराए जाने का नोटिस जारी करने के बाद हाई कोर्ट का रुख किया था। स्पीकर को अब 14 जुलाई के नोटिस पर कार्रवाई के लिए रोक दिया गया है।
हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को इस मामले में पक्षकार बनाने के लिए एक आवेदन भी स्वीकार कर लिया।
मीणा ने बुधवार को दायर अपनी याचिका में कहा, ” विनम्रतापूर्वक प्रार्थना की जाती है कि सचिव, विधि एवं न्याय मंत्रालय (कानूनी मामलों के विभाग) के माध्यम से भारत संघ को न्याय व कानून के हित में वर्तमान रिट याचिका के लिए एक पक्षकार/प्रतिवादी बनाया जाए।”
हाईकोर्ट ने कहा कि याचिका बरकरार है लेकिन मामला सुप्रीम कोर्ट के विचाराधीन है।
विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने जुलाई में कांग्रेस विधायक दल की बैठकों में पायलट व बागी विधायकों के शमिल नहीं होने और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पायलट सहित उनके खेमे के विधायकों की अयोग्यता संबंधी नोटिस जारी किए थे।
स्पीकर को पहले मामले में पिछले सप्ताह तीन दिनों तक कार्रवाई स्थगित करने के लिए कहा गया था।
पायलट खेमे के तर्कों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को उन्हें तीन और दिनों के लिए राहत दी थी और 24 जुलाई के लिए निर्णय सुरक्षित रखा।
बागी विधायकों ने तर्क दिया कि जब विधानसभा सत्र नहीं हो रहा हो तब कोई व्हिप जारी नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ कांग्रेस छोड़ने की उनकी कोई योजना नहीं है लेकिन वे राजस्थान नेतृत्व में बदलाव चाहते थे।
इस बीच, स्पीकर जोशी ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में सीएलपी दायर की और सोमवार को इसकी सुनवाई होनी है।
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