बलबीर सिद्धू ने कहा- बिना किसी भेदभाव के केंद्र सरकार सभी के लिए मुफ्त कोविड वैक्सीन उपलब्ध करवाए

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चंडीगढ़ । मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब राज्य ने कोविड-19 महामारी के प्रतिदिन के प्रबंधन के संबंध में तुरंत निर्णय लेने में बहुत ही सक्रियता दिखाई है और केंद्र सरकार को चाहिए कि यह पंजाब में निर्धारित समय में कोरोना वैक्सीन मुफ्त प्रदान करवाए। यह बात स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने यहां चंडीगढ़ के पंजाब भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही।

बलबीर सिद्धू ने कहा कि महामारी को नियंत्रित करने के लिए समय-समय पर कड़े कदम उठाए गए। अब, मोदी सरकार कोरोना वैक्सीन की आपूर्ति करने के अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने कहा कि राज्य में अब तक 5364 कोविड से संबंधित दुर्भाग्यपूर्ण मौतें हुई हैं, जो प्रति मिलियन लगभग 178 मौतें हैं। दिल्ली में कुल 10,577 कोविड-19 से संबंधित मौतें हुईं हैं और इसकी प्रति मिलियन दर 528 मौतें हैं जो काफी अधिक है। हमारी स्थिति दूसरे राज्य की तुलना में काफी बेहतर है। पंजाब में स्वस्थ होने की दर 95 प्रतिशत है और सक्रिय मामलों में दिन-प्रतिदिन गिरावट आ रही है।
राज्य में टीकाकरण की तैयारियों के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब टीकाकरण अभियान के लिए पूरी तरह से तैयार है और राज्य में एक दिन में 4 लाख लोगों को टीका लगाने की क्षमता है। इसके बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य ने अपने कोल्ड चेन सेंटरों में 1 करोड़ टीकों की मजबूत भंडारण क्षमता स्थापित की है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने बच्चों के नियमित टीकाकरण के 95 प्रतिशत से अधिक लक्ष्य को भी हासिल किया है जो देश में सबसे अधिक है।

स्वास्थ्य विभाग में की गई प्रमुख भर्ती पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पंजाब के घर-घर रोजगार योजना के तहत पिछले 3 वर्षों में कुल 10,049 भर्तियाँ की गई हैं। उन्होंने कहा कि 649 विशेषज्ञ, 875 चिकित्सा अधिकारी, 960 स्टाफ नर्स और 2250 अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ को नियमित आधार पर भर्ती किया गया है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 833 विशेषज्ञों और चिकित्सा अधिकारियों और 4212 पैरा मेडिकल, 205 मंत्रालयिक कर्मचारियों और 14 वर्ग चार की भर्ती की गई है। इसके अलावा स्टेट हैल्थ एजेंसी के तहत 51 स्टाफ सदस्यों की भर्ती की गई है।
बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि भारत सरकार की मूल योजना आयुष्मान भारत के दायरे को एसईसीसी डेटा-2011 के अनुसार केवल 14 लाख परिवारों तक सीमित रखा गया था, जबकि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने इन परिवारों की संख्या को लगभग 40 लाख तक बढ़ाने का फैसला किया। अब तक 4,99,593 लाभार्थियों को 574.86 करोड़ रुपये की इलाज सेवाएं प्रदान की जा चुकी हैं जिसका 418 करोड़ रूपए के प्रीमियम का भुगतान बीमा कंपनी को किया गया जा चुका है। 6246 हार्ट सर्जरी, 95,122 डायलिसिस, 9164 कैंसर का इलाज, 7497 नियो नटल और 3532 जॉइंट्स रिप्लेसमेंट निशुल्क किए गए हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि महामारी के दौरान नशा पीडि़तों के लिए उपचार सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए राज्य के विभिन्न नशामुक्ति केंद्रों में 2 लाख से अधिक नए रोगियों (नशा पीडि़तों) ने महामारी के दौरान दाखिला लिया।
इस अवसर पर बोलते हुए प्रमुख सचिव स्वास्थ्य हुसन लाल ने कहा कि राज्य में लगभग 70 लाख लोगों का चरणबद्ध तरीके से टीकाकारण किया जाएगा, जिसमें 1.6 लाख स्वास्थ्य कर्मी, अन्य फ्रंटलाइन कर्मी, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोग और सह-रोगों वाले 50 से कम आयु के लोग शामिल हैं। आयु के मानदंड 1 जनवरी, 2021 से माने जाएंगे। पहले चरण में सभी 1.6 लाख स्वास्थ्य देखभाल कर्मियों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।

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