राज्य के पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच की सुविधा इस महीने के आखिर तक मिलने की उम्मीद है। हर पेट्रोल पंप पर जांच केंद्र बनाने के सरकार के आदेश के बाद तेल कंपनियां भी हरकत में आ गईं। तेल उद्योग के राज्य समन्वयक मनोज जयंत ने कहा-इस बाबत सभी पंप मालिकों को निर्देश दे दिए हैं। जांच केंद्र का पूरा सिस्टम 10 से 15 दिन में तैयार हो जाता है। इसे लेकर पंप मालिकों ने जल्द कार्रवाई का भरोसा दिया है। नया मोटर व्हीकल ऐक्ट लागू होने के बाद प्रदूषण जांच कराने के लिए पूरे राज्य में अफरा-तफरी का माहौल है। राज्य में बामुश्किल 100 प्रदूषण जांच केंद्र होने के कारण ज्यादा मुश्किल हो रही है। इस दिक्कत से निपटने के लिए सरकार ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को जांच केंद्र बनाने को कहा है। सुप्रीम कोर्ट भी इस बाबत आदेश कर चुका है। ढाई से तीन लाख रुपये तक आता है खर्च : प्रदूषण जांच केंद्र को स्थापित करने का खर्च ढाई लाख रुपये से तीन लाख रुपये तक है। हालांकि सरकार से एकाएक जांच केंद्र बनाने का आदेश मिलने से पेट्रोल पंप संचालक ऊहापोह में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि नया ऐक्ट लागू होने से करीब एक महीना पहले जांच केंद्र के लिए तैयारी कर ली जाती तो यह समस्या ज्यादा नहीं बढ़ती।
सरकार ने खाद्य विभाग को पेट्रोल पंपों पर प्रदूषण जांच केंद्र बनाने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दे दिए है। खाद्य विभाग ने भी अपने स्तर से कार्रवाई शुरू कर दी है। इन जांच केंद्र के बनने से वाहन चालकों को प्रदूषण जांच कराने के लिए परेशानी नहीं उठानी होगी।
शैलेश बगोली, सचिव एवं आयुक्त-परिवहनपेट्रोल पंपों
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