उदयपुर। पंचायतीराज आम चुनाव 2020 के अंतर्गत सरपंच पद के नाम निर्देशन पत्र भरने के लिए आवश्यक दस्तावेजों के बारे में व्हाट्स एप एवं सोशल मीडिया पर कई प्रकार की गलत व भ्रामक जानकारियां दी जा रही है। जिसके कारण आमजन को अनावश्यक परेशानी हो रही है और इसके लिए निर्वाचन लड़ने के इच्छुक व्यक्ति स्टाम्प वेंडर्स इत्यादि से संपर्क कर पुनः भ्रमित हो रहे है।
इस संबंध में उपजिला निर्वाचन अधिकारी (एडीएम) ओपी बुनकर ने बताया कि सरपंच पद के लिए नाम निर्देशन पत्र भरने हेतु आवश्यक दस्तावेजों हेतु फैलाई गई भ्रातियाें के निवारण के संबंध में स्पष्ट किया जा रहा है कि निम्नानुसार दस्तावेज सरंपच के नाम निर्देशन हेतु अपेक्षित है।
नाम निर्देशन पत्र प्रारूप-4
संतान सबंधी एवं अपराध संबधी घोषणा – प्रारूप 4 घ
क्रियाशील स्वच्छ शौचालय की घोषणा
उपाबन्ध-1 बी (केवल सरपंच के लिए)- अभ्यर्थी के परिवार की आर्थिक स्थिति, आपराधिक मामले, चल-अचल संपति, शैक्षणिक योग्यता आदि के बारे में शपथपत्र जो 50 रू के स्टाम्प पर प्रस्तुत करना होगा और यह शपथ पत्र नोटरी से प्रमाणितशुदा भी अपेक्षित है।
संख्यिकी सूचना फार्म (केवल सरपंच के लिए)- मय पासपोर्ट साइज फोटो – इस पत्र में अभ्यर्थी अपना नाम, पिता का नाम, निवास स्थान, मोबाइल नम्बर, जाति व्यवसाय, शैक्षणिक योग्यता और राजनैतिक दल से यदि सबंध है तो दल का विवरण आदि की जानकारी देनी होती है जिसको कहीं से भी प्रमाणित करना आवश्यक नहीं है।
6. नाम निर्देशन पत्र भरने के लिए प्रतिभूति निक्षेप राशि (केवल सरंपच के लिए) रू 500 है। यदि अभ्यर्थी महिला, ओबीसी, एससी व एसटी का व्यक्ति है और इस बाबत नाम निर्देशन पत्र के साथ ओबीसी, एससी व एसटी का प्रमाण पत्र पेश करता है तो प्रतिभूति निक्षेप राशि 250 रू जमा होगी यह राशि भी ग्राम पंचायत मुख्यालय पर नाम-निर्देशन पत्र भरने की दिनांक को रिटर्निंग अधिकारी को जमा करवानी होगी।
आरक्षित श्रेणी के सरपंच पद के लिए उस आरक्षण अनुसार श्रेणी का जाति प्रमाण पत्र आवश्यक होगा। यह प्रमाण पत्र नाम निर्देशन पत्र के साथ जमा कराना आवश्यक है।
निर्वाचन लड़ने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए। आयु के बारे में विवाद होने पर मतदाता सूची में लिखी आयु को शैक्षणिक या जन्म प्रमाण पत्र में वर्णित जन्म दिनांक को माना जाएगा।
अभ्यर्थी जिस निर्वाचन क्षेत्र/ग्राम पंचायत से चुनाव लड रहा है, उस निर्वाचन क्षेत्र/ग्राम पंचायत की मतदाता सूची में उसका नाम होना अनिवार्य है।
कोई अभ्यर्थी पूर्व में पंचायतीराज संस्थाओं के किसी पद पर रह चुका है तो उस उस संस्था यथास्थिति पंचायत समिति या जिला परिषद से अदेय प्रमाण-पत्र प्राप्त कर नाम निर्देशन पत्र के साथ पेश करना होगा।
मतदाता सूची में मतदाता के नाम की प्रविष्टि में लिपिकीय त्रुटि को नाम निर्देशन पत्र की जांच में रिटर्निंग अधिकारी द्वारा ध्यान नहीं दिया जाएगा। प्रत्युत, मतदाता को वास्तविक नाम लिखने पर इस आधार पर नाम-निर्देशन पत्र खारिज योग्य नहीं होता है।
उन्होंने बताया कि इन दस्तावेंजों के अलावा किसी भी प्रकार के दस्तावेज यथा- चरित्र प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पेनकार्ड, भामाशाह, मूल निवास तथा पुलिस सत्यापन आदि की आवश्यकता नहीं है।
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