थलसेनाध्यक्ष रावत पहुंचे उत्तरकाशी के गांव थाती स्थित अपने ननिहाल

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भारत के थलसेनाध्यक्ष जनरल बिपिन रावत पहली बार सपत्नी अपने ननिहाल उत्तरकाशी जिले के थाती गांव पहुंचे। इस मौके को यादगार बनाने के लिए उनके ननिहाल वासियों ने उनका स्वागत पारंपरिक पकवान स्वाले और दाल के पकौड़ों के साथ अन्य पहाड़ी व्यंजनों के साथ किया।
जनरल रावत ने यहीं यह भी कहा कि अपनी सेवानिवृत्ति के बाद वह अपने पैतृक गांव सैंज, जो पौड़ी जिले में पड़ता है, में ही रहेंगे। सेनाध्यक्ष बिपिन रावत ने कहा, ‘उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से राज्य में विकास कार्यों को लेकर उनकी चर्चा होती रहती है। उत्तराखंड में विकास हो रहा है, सड़कें बन रही है लेकिन अब भी जरूरत यह है कि यहां अच्छे स्कूल, कॉलेज, वोकेशनल ट्रेनिंग केंद्र बनें ताकि युवाओं का कौशल विकास हो। उन्हें यहीं नौकरी मिल सके और वे आगे बढ़ें।’ अपने मामा के मकान को देखकर जनरल रावत बहुत खुश हुए और मामा के परिवार से प्रेम से मिले। इसके बाद वह मातली हैलिपेड से दिल्ली वापस लौट गए।

इससे पहले सेनाध्यक्ष के थाती गांव पहुंचने पर उनके ममेरे भाई नरेंद्र परमार और ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया। सेना प्रमुख और उनकी पत्नी ने अपने ममेरे भाई के परिवार को गले लगाकर उनका सस्नेह आतिथ्य स्वीकार किया।

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