चेन्नई, तमिलनाडु के ट्रिप्लिकेन में आठ ब्राह्मणों के पुनाल (जनेऊ) जबरदस्ती काटने का मामला सामने आया है। यह हंगामा भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) सचिव एच राजा के एक पोस्ट के बाद सामने आया है। आपको बता दूं कि भाजपा नेता राजा ने तमिल समाज सुधारक पेरियार की प्रतिमा ढहाए जाने की बात कही थी।
इसके बाद पेरियार की प्रतिमा को क्षति पहुंचाया गया था। राजा ने सोशल मीडिया पर इससे संदर्भित एक पोस्ट डाल दिया था, इसके बाद से यह लफरा खड़ा हुआ है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यहां के ट्रिप्लिकेन में करीब आठ-दस बाइकसवार युवकों ने आठ ब्राह्मणों के ‘पुनालÓ (जनेऊ) जबरदस्ती काट दिए और मौके से भाग निकले। दरअसल, पेरियार का आंदोलन नास्तिकता (या तर्कवाद) के प्रसार के लिए जाना जाता है। उन्होंने द्रविड़ कडग़म नाम से राजनीतिक पार्टी बनाई थी।
इसकी विभिन्न शाखाओं और डीएमके जैसी द्रविडिय़न पार्टियों के सदस्यों ने खुले तौर पर नास्तिकता का प्रसार किया था और उसे स्वीकार किया था। ब्राह्मणों के जनेऊ काटने की घटना को उनकी आस्तिकता पर हमला माना जा रहा है।
राज्य के बीजेपी नेता एच राजा ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिराए जाने को सही ठहराया था, जिसके बाद से राज्य में हंगामा शुरू हुआ।
राजा ने लिखा था, लेनिन कौन हैं? उनके और भारत के बीच क्या संबंध है? कम्युनिज्म और भारत का क्या संबंध है? त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति गिरा दी गई। आज यह त्रिपुरा में लेनिन की मूर्ति है, कल यह कट्टरपंथी ईवी रामास्वामी की मूर्ति होगी।
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