जिला प्रशासन ने समझाईश देकर रुकवाया बाल-विवाह

[object Promise]

जागेशवर प्रसाद वर्मा कि रिपोर्ट

जिला कार्यक्रम अधिकारी एल.आर कच्छप ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल कसडोल के महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी राजेश क्षीरसागर के नेतृत्व में टीम आज गांव में पहुंची । टीम ने कन्या तथा लड़के का दोनों की अंकसूची तथा अन्य दस्तावेजों का मिलान किया । जिसमें वर का उम्र 21 साल से कम पाए जाने पर वधू पक्ष वालों को समझाईश देकर उपस्थित पंच लोगों के समक्ष पंचनामा किया गया। समझाईश में बताया गया है कि बाल विवाह एक कानूनन अपराध है तथा इनके सामाजिक एवं शारीरिक बुराई के बारे में परिवारजनों एवं समाज को समझाया गया । समझाईश पर परिवार विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए।

उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा रामनवमी एवं अक्षय तृतीया के अवसर पर बड़ी संख्या में होने वाले विवाह को रोकने के लिए कड़े निर्देश दिए गए हैं। इस कड़ी में जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा टीम गठित कर बाल विवाह को रोकने का सख्त निर्देश दिया गया ।प्रशासन की टीम में बाल विकास परियोजना अधिकारी श्री राजेश क्षीरसागर संबंधित पुलिस थाना के आरक्षक ग्राम के सरपंच तथा महिला बाल विकास के अधिकारी कर्मचारी बाल विवाह रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।जिला प्रशासन ने अपील की है कि बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है। इसे सम्बन्धित पक्षों को समझा-बुझा कर रोका जाए।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *