जानिये वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक की मौत के पीछे का सच !

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इंदौर। वरिष्ठ पत्रकार कल्पेश याग्निक को झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उन्हें खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में पुलिस ने उनकी एक महिला पत्रकार के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया। अडिशनल एसपी शैलेंद्र सिंह चैहान ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि याग्निक के परिजनों के बयान और मामले की शुरुआती जांच के आधार पर एक महिला पत्रकार के खिलाफ शहर के एमआईजी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 406, 386, 503 में केस दर्ज किया गया है। सलोनी अरोरा याग्निक से पांच करोड़ रुपये की मांग पूरी नहीं किए जाने पर दुष्कर्म के केस में फंसाने की धमकियां देती थी। कॉल अटेंड नहीं करने पर यूट्यूब पर अपलोड सेक्स स्कैंडल की वीडियो-ऑडियो की लिंक वाट्सएप कर मानसिक दबाव बनाती थी। यह पर्दाफाश एमआइजी पुलिस की जांच में हुआ है। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कडिघ्या जोड़ लीं और परिजनों के बयान के बाद शुक्रवार को सलोनी के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली।

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याग्निक, प्रमुख हिन्दी अखबार के समूह संपादक थे। उन्होंने इस अखबार की शहर के एबी रोड स्थित तीन मंजिला इमारत की छत से 12 जुलाई की रात छलांग लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। चैहान ने बताया कि यह महिला पत्रकार पहले याग्निक के अखबार में ही काम करती थी। आरोप है कि अखबार की नौकरी से निकाले जाने के बाद वह याग्निक को मानसिक तौर पर परेशान कर रही थी जिससे वह तनाव में चल रहे थे।

शैलेंद्र सिंह चैहान ने बताया, महिला पत्रकार को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है। हम मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं।’ गौरतलब है कि याग्निक ने अपनी मौत से कुछ ही दिन पहले इंदौर रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) अजय कुमार शर्मा से मिलकर उन्हें आपबीती सुनाई थी कि महिला पत्रकार उन्हें कथित तौर पर धमका रही है। शर्मा इस बात की पहले ही तसदीक कर चुके हैं। अजय कुमार शर्मा ने कहा कि मुलाकात के दौरान याग्निक ने उन्हें बताया था कि महिला पत्रकार उन्हें धमकी दे रही है कि अगर उन्होंने उसे अखबार की नौकरी पर बहाल नहीं कराया, तो वह उन्हें झूठे मामले में फंसाकर बदनाम कर देगी।

एडीजी के मुताबिक मुलाकात के दौरान याग्निक ने उनसे यह अनुरोध भी किया था कि अगर महिला पत्रकार पुलिस को उनके खिलाफ कोई शिकायत करती है, तो इस शिकायत पर किसी तरह का कानूनी कदम उठाये जाने से पहले एक बार उनका पक्ष भी सुना जाये। शर्मा ने कहा कि याग्निक ने अपने इस अनुरोध को लेकर उन्हें हालांकि एक औपचारिक आवेदन पत्र भी सौंपा था। लेकिन तब उन्होंने संबंधित महिला पत्रकार के खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई की मांग पुलिस से नहीं की थी।

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