रुड़की। लंबे समय पूर्व बंद हो चुके स्टाम्प की बिक्री की सूचना पर ज्वाइंट मजिस्टेªट नमामि बंसल ने स्टाम्प विक्रेताओं के यहां औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होनें एक स्टाम्प विक्रेता के स्थान से पुराने स्टाम्प बरामद किये। पकड़े गये स्टाम्प विक्रेता के खिलाफ लाईसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2016 मे संचालित स्टाम्प बंद करते हुए ई-स्टाम्प की शुरूआत कर दी थी। स्टाम्प बिक्री में घोटाला सामने आने के बाद यह निर्णय लिया गया था। कई स्थानों पर उस वक्त नकली स्टाम्प पकड़े गये थे, कई के खिलाफ कार्रवाई हुई थी। 2016 में बंद किये गये पुराने स्टाम्प के स्थान पर वर्ष 2017 के शुरूआत में ही पुराने स्टाम्प पूर्णतः बंद करते हुए ई-स्टाम्प की बिक्री शुरू हो गयी थी। इसके बावजूद अभी तक मोटा मुनाफा कमाने के चक्कर में कई स्टाम्प विक्रेताओं ने पुराने स्टाम्प का स्टाॅक अपने पास रख रखा है, जिसे कई गुना दामों में बेचा जाता है। मंगलवार को ऐसी ही सूचना पर ज्वाइंट मजिस्टेªट नमामि बंसल ने तहसील में स्टाम्प विक्रेताओं के यहां छापामार कार्रवाई की। इस दौरान उन्होनें स्टाम्प विक्रेताओं के यहां रखे दस्तावेज खंगाले। ज्वाइंट मजिस्टेªट के मुताबिक एक स्टाम्प विक्रेता के यहां से पुराने स्टाम्प बरामद हुए है। उन्होनें बताया कि जिनके यहां से पुराने स्टाम्प बरामद हुए है, उनके लाईसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जायेगी।
छापेमारी के दौरान जेएम ने पकड़े पुराने स्टाम्प
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