चुनावी मोड में कुछ और दायित्व बांट सकते हैं त्रिवेंद्र

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देहरादून:  पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के उत्तराखंड प्रवास से ठीक पहले भाजपा के 10 नेताओं को महत्वपूर्ण दायित्वों के साथ सत्ता में हिस्सेदारी का तोहफा मिल गया। इसके साथ ही अब राज्य में दायित्वधारियों की संख्या सौ से ज्यादा हो गई है। इनमें से कैबिनेट व राज्य मंत्री के दर्जे के साथ दायित्व पाने वाले लगभग 65 नेता हैं। सूत्रों के मुताबिक निकट भविष्य में कुछ और पार्टी नेताओं को दायित्व दिए जा सकते हैं।

उत्तराखंड में अब अगले विधानसभा चुनाव को महज सवा साल का ही वक्त शेष है। सत्तारूढ़ भाजपा अब पूरी तरह चुनावी तैयारियों में जुटी नजर आ रही है। हाल ही में पार्टी के प्रदेश प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम व सह प्रभारी रेखा वर्मा उत्तराखंड का दौरा कर लौटे हैं। अब आगामी चार दिसंबर से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा चार दिनी प्रवास पर उत्तराखंड आ रहे हैं। नड्डा इस दौरान हरिद्वार में संतों से भेंट तो करेंगे ही, देहरादून में तीन दिन में 14 कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेंगे।

नड्डा के आगमन से पहले मंगलवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने 10 पार्टी नेताओं की विभिन्न आयोग, निगम और परिषदों में नियुक्ति कर दी। मुख्यमंत्री के इस कदम को पार्टी नेताओं को सत्ता में भागीदारी देकर आगामी विधानसभा चुनाव के लिए और ज्यादा सक्रिय करने से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा इनके जरिये आम जनता तक विभिन्न विभागों की जन कल्याणकारी योजनाओं और केंद्र तथा राज्य सरकार की उपलब्धियों को पहुंचाना भी सरकार का उद्देश्य है। उच्च पदस्थ सूत्रों की मानी जाए तो चुनाव से पहले पार्टी के कुछ अन्य नेताओं को भी सरकार से दायित्वों की सौगात मिल सकती है।

दायित्वधारियों के रूप में लगभग 65 पार्टी नेता मंत्री पद का दर्जा तो पा गए, मगर मंत्रिमंडल में रिक्त चले आ रहे तीन पदों को लेकर अभी भी सत्ता के गलियारों में सुगबुगाहट महसूस नहीं की जा रही है। हालांकि मुख्यमंत्री गत फरवरी में मंत्रिमंडल विस्तार की बात कह चुके थे, लेकिन इसके बाद कोरोना संक्रमण ने उनके कदम थाम लिए। अब जबकि विधानसभा चुनाव के लिए कम ही समय बाकी है, माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार की संभावना काफी क्षीण हो गई है।

 

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